नयी दिल्ली/रांची. केन्द्र सरकार झारखंड को नक्सल विरोधी अभियान तेज करने के उद्देश्य से केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों की सात बटालियनें मुहैया कराने पर सहमत हो गयी है। सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने अतिरिक्त बटालियनों की मांग की थी, जिस पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय सहमत हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की पांच बटालियनें और कोबरा की दो बटालियनें जल्द ही राज्य पुलिस की मदद के लिए मुहैया करायी जाएंगी ताकि माओवादियों के खिलाफ अभियान तेज किया जा सके। सूत्रों ने कहा कि सात में से सीआरपीएफ की दो बटालियनें जल्द ही राज्य सरकार को मुहैया करा दी जाएंगी। झारखंड में दीर्घकालिक तैनाती के लिए केन्द्र ने छह बटालियनें केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों की मुहैया करायी हैं लेकिन हाल ही में नक्सलियों की बढी़ हुई गतिविधियों के मद्देनजर राज्य सरकार ने अतिरिक्त बटालियनों की आवश्यकता महसूस की।
इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने गृह मंत्री पी चिदंबरम से बातचीत भी की, जिसके बाद केन्द्र की ओर से अतिरिक्त बटालियनें मुहैया कराने के मुद्दे पर सहमति बनी। इस बीच नक्सलियों से निपटने के लिए राज्य में बने बल झारखंड जगुआर को आवश्यक बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण मुहैया कराने के इरादे से केन्द्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये की केन्द्रीय मदद के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। यह राशि पांच साल में वार्षिक किस्त के आधार पर दी जाएगी।