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इस स्कूल में भटकती रहती है प्रेत की आत्मा, चार छात्राएं बन चुकी हैं शिकार

युगल किशोर. | Jul 11, 2012, 01:24AM IST
 
 

ताराटांड़. (गिरिडीह). गांडेय अंचल-2 के ताराटांड़ संकुल अंतर्गत उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय भंडारीडीह कभी वित्तीय अनियमितता कभी भवन निर्माण में गड़बड़ी तो कभी शिक्षक के शराब पीने को लेकर चर्चा में रहा है। इसबार विद्यालय की चर्चा अंधविश्वास और दहशत से है। स्कूल के आसपास किसी भटकती प्रेतात्मा सरीखा अंधविश्वास छात्रों के स्कूल जाने में बाधा बना है। चर्चा इतनी जबर्दस्त है कि अधिकतर अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है।

शिक्षक ने जब बच्चों से स्कूल आने को कहा तो बच्चों का जवाब था - सर, स्कूल में भूत रहता है, हमलोगों को पढऩे में डर लगता है। इसलिए अब पढऩे नहीं जाएंगे। भूत हमलोगों को मार देगा। भास्कर ने 6 जुलाई के अंक में अंधविश्वास से संबंधित इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। विद्यालय की एक छात्रा की मौत 4 जुलाई की रात हुई थी। इससे पूर्व भी तीन छात्राओं की मौत हो चुकी है। मौत का कारण ग्रामीण विद्यालय के आसपास भटकती प्रेतात्मा को मान रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार कई बच्चों को भटकती प्रेतात्मा ने डराया भी है। हालांकि वे झाड़-फूंक के बाद ठीक हो गए बताए जाते हैं। लेकिन, प्रशासनिक स्तर पर इस अंधविश्वास को दूर करने की पहल अबतक नहीं हुई है। जांच के जरिए यह भी साबित नहीं किया गया है कि बच्चों की मौत किन कारणों से हुई है। ऐसे में पूरा गांव स्कूल में प्रेतात्मा का निवास मान रहा है। पूर्व से भी उक्त गांव के कुछ बच्चे उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मोहलीडीह व मध्य विद्यालय ताराटांड़ में पढऩे जाते थे। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय भंडारीडीह में पढऩेवाले छात्रों की संख्या कम ही थी। प्रेतात्मा की खबर से तो बच्चों ने स्कूल आने से तौबा ही कर लिया। शुक्रवार व शनिवार को शिक्षकों ने ही पहुंचकर उपस्थिति दर्ज की।

विकल्प तलाशने की जरूरत

सरकार ने गांव के निकट बच्चों को शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से भंडारीडीह में यूपीएस खोला था। उक्त विद्यालय में प्रधान शिक्षक के रूप में संतोष कुमार दास तथा पारा शिक्षक के रूप में दशरथ पंडित कार्यरत हैं। शिक्षक व भवन मौजूद होने के बावजूद जब बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं तो ग्राम शिक्षा समिति व शिक्षा विभाग को जल्द ही विकल्प तलाशना होगा अन्यथा बच्चे उद्देश्य से भटक जाएंगे।

पूजा-पाठ करवा देंगे

"विद्यालय में प्रेतात्मा का डेरा होने की बात अभिभावक कर रहे हैं। पर हमें ऐसा आभास तो नहीं हुआ है। विद्यालय की छात्रा की मौत तो जरूर हुई है पर इसका कारण बीमारी भी हो सकता है। हालांकि अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को विद्यालय भेजें। अभिभावकों की तस्सली के लिए आगे विद्यालय में पूजा-पाठ करवा देंगे।" - संतोष कुमार दास, प्रधान शिक्षक, यूपीएस भंडारीडीह.

मौत का कारण प्रेतात्मा ही होगा

"छात्रा की मौत का कारण प्रेतात्मा हो सकता है। कई छात्र पूर्व में भी डर चुके हैं। विद्यालय उपयुक्त स्थल में नहीं है। मुझे भी अकेले में यहां डर लगता है। इसका विकल्प जल्द ही तलाशा जाना चाहिए।" - दशरथ पंडित, पारा शिक्षक, यूपीएस भंडारीडीह.

वीइसी मामले को देखें

"विद्यालय स्तर पर ग्राम शिक्षा समिति गठित है। समिति इस मामले पर पहल करे। मामले की छानबीन कर उचित निर्णय ले।" - झब्बू पंडित, डीएसई, गिरिडीह.
 
 
 

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