विधानसभा चुनाव का वक्त आया नहीं पर चुनाव मोड में आ गयी पार्टियां

रांची। विधानसभा चुनाव का वक्त नहीं आया, पर चुनाव मोड में पार्टियां जरूर आती दिखने लगी हैं। विधानसभा का कार्यकाल भले ही अभी दो वर्ष से अधिक का है, पर भाजपा और झामुमो के 28-28 महीने के विवाद की वजह से राजनीतिक दलों को विधानसभा चुनाव करीब दिखने लगा है। चुनाव की आहट सुन इन्होंने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है।
सदस्यता अभियान की पर्चियां गांव-गांव घूम रही हैं। प्रखंड और जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का सिलसिला बदस्तूर जारी है। सहयोगी दलों की मर्यादा बर्फ की तरह पिघलने लगी है। एक-दूसरे को विकास विरोधी और खुद को जनता का हितैषी बताने के दावे किए जा रहे हैं। इस बीच भावी गठबंधन की तैयारियों का खाका भी खीचने की खबर है। विरोधी दलों के नेताओं को आकर्षित करने के खेल भी बखूबी खेले जाने लगे हैं। जब इन पार्टियों के बड़े नेताओं से बात की जाती है, तो सबका एक ही स्वर है, हम चुनाव से नहीं डरते। हम चुनाव की तैयारी में लगे हैं।
सत्ता पक्ष में आंतरिक कलह
"सत्ता पक्ष के आंतरिक कलह से विकास ठप है। अधिकारियों में भ्रम का माहौल है। जाहिर है राज्य चुनाव की ओर बढ़ रहा है। राजनीतिक दल होने के नाते कांग्रेस चुनाव के लिए हर वक्त तैयार है।" - शैलेश सिन्हा, प्रदेश महासचिव, कांग्रेस।
सभी सीट पर लड़ेंगे
"पार्टी चुनाव की तैयारी में जुट गई है। हम सभी विधानसभा सीटों पर लड़ेंगे। उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू है।" - खीरू महतो, प्रदेश अध्यक्ष जदयू।
हम हमेशा हैं तैयार
"झामुमो चुनाव के लिए हमेशा तैयार रहता है। गुरुजी ने कह रखा है कि 28 महीने पूरा होने पर समझौते के अनुसार भाजपा को चाहिए कि वह झामुमो को सत्ता सौंप दे। ऐसा नहीं हुआ तो चुनाव ही विकल्प है।" - साइमन मरांडी, विधायक झामुमो।
नहीं रहेंगे पीछे
"साझा सरकार होने के बावजूद भाजपा ने विकास के कई उल्लेखनीय काम किए हैं। अगर चुनाव की नौबत आती है, तो हम इससे पीछे भी नहीं हटेंगे। पार्टी चुनाव के लिए हर समय तैयार है। " - अनंत ओझा, प्रदेश महामंत्री भाजपा।
दिन-रात जारी है तैयारी
"रिजल्ट आने के अगले दिन से ही पार्टी चुनाव की तैयारी में लग जाती है। वैसे भी राज्य में कब सरकार गिर जाए, कोई दावे से नहीं कह सकता। लिहाजा, दिन-रात चुनाव की तैयारी में लगे हैं।" - देवशरण भगत, केंद्रीय प्रवक्ता आजसू।
सीएम व गुरुजी के महत्वपूर्ण बयान
>नए साल में बनेगी नई सरकार : शिबू सोरेन
>सरकार बचाने के लिए कोई समझौता नहीं करेंगे : अर्जुन मुंडा
>सत्ता हस्तांतरण नहीं हुआ तो सरकार गिरा देंगे : शिबू सोरेन
>गुरुजी को उपयुक्त फोरम पर रखनी चाहिए अपनी बात : अर्जुन मुंडा
>झामुमो चुनाव के लिए हर वक्त तैयार रहता है : शिबू सोरेन .






