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परफॉर्मेंस पर बढ़ेगा गुरुजी का वेतन
भास्कर न्यूज।
| Dec 08, 2012, 11:56AM IST

रिसर्च वर्क (शोध कार्य) के लिए एक वेटेज तय होगा। इसके मानक निर्धारित किए जाएंगे। प्रदर्शन के आकलन के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और इसी आधार पर शिक्षकों की इन्क्रीमेंट (वेतनवृद्धि) होगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय का ओवरऑल परफॉर्मेंस आंकने के बाद राशि आवंटित करने की योजना पर भी विचार हो रहा है। यानी, संस्थानों के वित्तीय आवंटन को उनके कार्य प्रदर्शन से जोडऩे पर विचार हो रहा है।
अभी क्या है स्थिति
> केयू के अधिकतर शिक्षकों की टाइम बांड (समयबद्ध) पदोन्नति होती है।
> रिसर्च वर्क के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति है।
> ज्वाइनिंग के बाद अधिकतर शिक्षकों की डिग्री में इजाफा नहीं होता है।
> पिछले 50 साल में कोल्हान के शिक्षकों का रिसर्च वर्क नेशनल व इंटरनेशनल लेवल पर नहीं हुआ मान्य।
क्या है आईक्यूएसी
केंद्रीय विश्वविद्यालयों, कॉलेजों व उच्च शिक्षण संस्थानों में परफॉर्मेंस (प्रदर्शन) और गुणवत्ता क्वालिटी की पड़ताल के लिए ‘इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल’ (आईक्यूएसी) का गठन किया जा रहा है। विश्वविद्यालयों में एकेडमिक (शैक्षणिक) व एडमिनिस्ट्रेटिव (प्रशासनिक) सुधार के लिए बनाई गई कमेटी के सुझाव पर यह पहल हो रही है। केंद्रीय मानव संसाधन विभाग और यूजीसी के बीच सहमति के बाद यह प्रस्ताव सभी विश्वविद्यालयों को भेजा जा रहा है।
केयू के सिलेबस में हो चुका है बदलाव
"यूनिवर्सिटी रिफॉर्म कमेटी द्वारा विश्वविद्यालय व कॉलेजों में क्वालिटी के लिए कारगर सिफारिश की गई है। नए विषयों पर रिसर्च के साथ इसे अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार करना है, ताकि इसका लाभ आम लोगों को मिले। अध्यापकों का परफॉर्मेंस अप्रेजल रिसर्च वर्क के आधार पर तय होगा। प्रदर्शन आधारित फंडिंग और प्रमोशन काफी महत्वपूर्ण हैं। इसमें सबकी जवाबदेही व भागीदारी होगी।केयू अपने सिलेबस में बदलाव के साथ छात्रों को मोबिलिटी सुविधा की अनुमति दे चुका है।" - डॉ. सलिल कुमार राय, वीसी, कोल्हान विश्वविद्यालय।
क्वालिटी परफॉर्मेंस के लिए प्रयास जरूरी
"संस्थानों में परफॉर्मेंस के लिए निश्चित मानक तय हों, इसके लिए तुरंत प्रयास की जरूरत है। विश्वविद्यालय सुधार के लिए बनी कमेटी ने जो सुझाव दिए हैं, उन पर अमल करना सरकार और संस्थानों की जिम्मेदारी है।" - डॉ. एसएस कुशवाहा, रांची विवि के पूर्व कुलपति।
सालभर के रिसर्च वर्क का देना होगा ब्योरा
विवि व कॉलेजों को बताना होगा कि सालभर में क्या रिसर्च वर्क किया गया? उनका आधारभूत ढांचा कैसा है? परफॉर्मेंस में पाठ्यक्रम अपग्रेडेशन से लेकर वर्कशाप, ट्रेनिंग आदि भी शामिल होंगे। इनोवेशन (नई खोज) और छात्रों का प्रदर्शन भी इसका हिस्सा होगा। केंद्र सरकार संस्थानों की एक्रिडिटेशन (मान्यता), गुणवत्ता को बढ़ाने और कदाचार रोकने के लिए भी उपाय कर रही है। विश्वविद्यालय सुधार के लिए बनी कमेटी ने सरकार को सुझाया था कि संस्थानों की गुणवत्ता और उनके प्रदर्शन में सुधार की कवायद होगी, तो इसका बेहतर असर दिखेगा। केंद्रीय मानव संसाधन विभाग की वेबसाइट पर प्राथमिक कार्य सूची में क्वालिटी और परफॉर्मेंस को सबसे ऊपर रखा गया है।








