Home » Jharkhand » Jamshedpur » The Silence Speaks

कुछ कहता है यह सन्नाटा : कल तक गुलजार रहने वाली कॉलोनी आज उदास

राकेश परिहार। | Dec 06, 2012, 13:23PM IST
कुछ कहता है यह सन्नाटा : कल तक गुलजार रहने वाली कॉलोनी आज उदास
जमशेदपुर। बारीडीह ट्यूब कॉलोनी के ट्रिपल मर्डर की गुत्थी अब तक नहीं सुलझी है। आठ दिन पहले तक कॉलोनी के एसआर टाइप क्वार्टर का जो ब्लॉक गुलजार नजर आता था, आज वहां उदासी है। वहां भाड़ा पर रहने वाले लोग ब्लॉक छोड़ कर जा चुके हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने बुधवार को कॉलोनी में लगभग दो घंटे (दिन के एक से तीन बजे तक) गुजारे। इस दौरान हर तरफ उदास माहौल दिखा।


२७ नवंबर की रात इस कॉलोनी के एसआर क्वार्टर संख्या १५८ में हत्यारों ने टाटा स्टील से अर्ली सेपरेशन स्कीम (ईएसएस) के तहत सेवानिवृत्ति ले चुके रतन चटर्जी, उनकी पत्नी श्यामली चटर्जी और पुत्री पियाली चटर्जी की गला रेतकर हत्या कर दी थी। जिस क्वार्टर में हत्या हुई, उसके सामने छोटा मैदान है। पहले यहां दिनभर बच्चों की भागमदौड़ मची रहती थी, वह आज सूना पड़ा है। एसआर टाइप क्वार्टर खाली हो चुका है। घटना के बाद भय से या केयरटेकर के दबाव पर इन क्वार्टरों में रहने वाले लोग दूसरा आशियाना तलाश चुके हैं। इसके ठीक सामने एल-6 क्वार्टर है। यहां रहने वाले डरे-सहमे हैं। दिन में भी घर का कोई सदस्य बाहर नजर नहीं आया। एक व्यक्ति बाहर मिला और जब उनसे घटना के बारे में जानने की कोशिश की गई, तो वे कुछ भी बताने को तैयार नहीं हुए।

एसआर क्वार्टरों के ठीक पीछे फौजा बागान है। यहां काफी घनी आबादी है, लेकिन लोग खामोश हैं। घटना के बारे में कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं। यहां आने-जाने वाले हर अजनबी को सवालिया नजरों से देखा जाता है। हां, एक युवक ने हिम्मत दिखाते हुए बस यही कहा, वहां (क्वार्टर संख्या १५८) अड्डाबाजी होती थी। बहुत-सारे लोग उठते-बैठते थे। वही लोग जानते होंगे। बहरहाल, ब्लॉक खाली है और आसपास रहने वाले डरे-सहमे।


पुलिस ने झोंकी ताकत

पुलिस की जांच रतन चटर्जी (स्वर्गीय) के दामाद प्रलय दास और उनकी पुत्री पियाली दास (मृतक) के दोस्तों के इर्द-गिर्द घूम रही है। पुलिस एक ओर प्रलय से पूछताछ कर रही है, वहीं पियाली के फोन कॉल्स खंगाले जा रहे हैं। प्रलय की पत्नी शावली दास (रतन चटर्जी की बड़ी बेटी) से भी पुलिस लगातार जानकारी ले रही है। हालांकि, अब तक उल्लेखनीय सफलता नहीं मिली है।

"बुधवार को भी रतन चटर्जी के दामाद प्रलय दास से पूछताछ की गई। हत्यारे हर हाल में सलाखों के पीछे होंगे। पुलिस अपराधियों को पकड़ कर ही दम लेगी। यह आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि उनके पास कोई जानकारी है, तो शेयर करें। उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।" - अखिलेश झा, एसएसपी।

पुलिस इन बिंदुओं पर कर रही है जांच

> पियाली और उसकी मां श्यामली चटर्जी के फोन डिटेल्स की जांच।

> तीन लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी गई और पड़ोसियों को उनकी आवाज तक नहीं सुनाई दी। जबकि, क्वार्टर काफी छोटा है।

> रतन चटर्जी के घर के आगे किन लोगों का जमावड़ा रहता था?

> क्वार्टर के ठीक पीछे बरगद का विशाल पेड़ है। जबकि, बगल के क्वार्टर की दीवार काफी नीचे है। क्या हत्यारे इसी रास्ते से अंदर आए थे?

> आंगन में सीढ़ी पाई गई थी। यह कहां से आई? संभवत: आसपास के किसी क्वार्टर से ही। इसे लाने वाले लोग कौन होंगे?

इधर, झाविमो ने घेरा सिदगोड़ा थाना


बारीडीह ट्यूब कॉलोनी में गत 27 नवंबर की रात हुए ट्रिपल मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने की मांग पर बुधवार को झारखंड विकास मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सिदगोड़ा थाने का घेराव किया। कार्यकर्ताओं का नेतृत्व झाविमो के जिला महामंत्री बबुआ सिंह और सिदगोड़ा मंडल अध्यक्ष विद्युत साव कर रहे थे। इस दौरान पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की गई। झाविमो ने दोपहर लगभग 12.३० से दो बजे तक थाने का घेराव किया और सिदगोड़ा पुलिस को ज्ञापन सौंपा। पुलिस की ओर से दो-तीन दिनों में हत्या की गुत्थी सुलझाने के आश्वासन पर झाविमो कार्यकर्ता वहां से हटे।
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
9 + 7

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment