खबर पढ़ें! कहीं आप भी 'करोड़पति' तो नहीं बन गए!
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 09:01(09/02/12)
जमशेदपुर। ठग गिरोह एसएमएस और ई-मेल के जरिए लोगों के एकाउंट में सेंध लगा रहे हैं। इन गिरोह द्वारा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के नाम पर फर्जी संदेश भेजकर बैंक एकाउंट और ऑनलाइन बैंकिंग संबंधी जानकारी मांगी जा रही है। जो व्यक्ति इन संदेशों का जवाब देता है, ये ठग उसके खाते में सेंध लगा लेते हैं।
आरबीआई ने मामले की गंभीरता को समझते हुए सभी लोगों को चेतावनी जारी की है कि वे इस प्रकार के मेल और एसएमएस से बचें। इससे पहले भारतीय दूरसंचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने भी अपने उपभोक्ताओं के लिए इस प्रकार की चेतावनी जारी की थी। आरबीआई ने बैंकों को भी कहा है कि वे अपनी शाखाओं में चेतावनी लिखाएं।
क्या लिखा रहता है संदेश में
ई-मेल अथवा एसएमएस में आपको बधाई देते हुए लिखा रहता है कि आरबीआई द्वारा अपने सम्माननीय ग्राहकों की सूची बनाई गई है, जिसमें आपका नाम सामने आया है। 50 मिलियन डॉलर आरबीआई से लेने के लिए अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर के साथ ही बैंक एकाउंट की सारी जानकारी इसी पते (मेल एड्रेस) पर रिप्लाई करें। आरबीआई ने खुद माना है कि फर्जी लेटर हेड पर ऑफर लिखकर लोगों को भेजा जा रहा है। लेटर हेड में ऑफिसर का नाम सही हो सकता है, लेकिन उसके हस्ताक्षर पूरी तरह से फर्जी होते हैं। लेटर में इनाम पाने के लिए प्रोसेसिंग फीस के रूप में कुछ राशि की मांग की जाती है।
तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं
आरबीआई में व्यक्तिगत बैंक खाते नहीं खोले जाते हैं और न आरबीआई की ओर से वैसे फोन कॉल तथा ई-मेल लोगों को किया जाता है, जिसमें इनाम जीतने या विदेशी फंड देने की बात कही जा रही है। ऐसी फर्जी वेबसाइट से सावधान रहिए, जो रिजर्व बैंक या आरबीआई के नाम और फर्जी ‘लोगो’ से बनाई गई है। ऐसे मेल या एसएमएस मिलने पर तुरंत साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराएं।
फर्जी एसएमएस और ई-मेल आए तो सबसे पहले यह करें
> जिस नंबर से आपको एसएमएस आया है, उस पर कभी कॉल नहीं करें।
> ई-मेल में जो जानकारी मांगी गई है, उसका रिप्लाई बिल्कुल न करें।
> यदि ई-मेल के साथ कोई भी फाइल अटैच है, तो उसे डाउनलोड नहीं करें।
> ई-मेल एकाउंट, एटीएम, ऑनलाइन बैंकिंग का पासवर्ड हमेशा बदलते रहें।
इस प्रकार के ई-मेल और एसएमएस से ग्राहकों को सचेत रहने की जरूरत है। इंटरनेट बैकिंग यूजर समय-समय पर अपना पासवर्ड बदलते रहें।
अमिताभ चटर्जी क्षेत्रीय प्रबंधक, एसबीआई