आतंकियों की धमकी : 400 सरपंचों-पंचों ने सहकर्मी के इंसाफ के लिए छोड़े पद

जम्मू. बारामूला जिले के तीन सरपंचों तथा नौ पंचों ने सोमवार को अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने इसकी घोषणा पत्रकारों के सामने सार्वजनिक तौर पर की। सभी ने यह कदम बारामूला जिले में रविवार (23 सितंबर) रात को नौपोरा गांव के नायब सरपंच मोहम्मद शफी तेली की आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद उठाया।
वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पंचायत प्रतिनिधियों को सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही इस पर यूनिफाइड कमांड की बैठक में चर्चा करने की भी बात कही। पिछले काफी समय से आतंकियों ने कश्मीर में सरपंचों तथा पंचों को अपने पदों से इस्तीफा देने की धमकी दी हुई है। सोमवार को बारामूला में पत्रकारवार्ता में सरपंच हाजी गुलाम रसूल मीर, सरपंच गुलाम रसूल लाला तथा मोहम्मद अकबर ने अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की।
इनके साथ नायब सरपंच गुलाम नबी ठोकर, पंच मोहम्मद युसुफ मीर, राजा बेगम, फैयाज अहमद, जरीफा बेगम, फहीदा बेगम, गुलाम रसूल लोन, मोहम्मद रज्जाक हजाम, अब्दुल अहद वार फारूक अहमद डार ने भी अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। सनद रहे कि आतंकियों ने दो सप्ताह पहले इसी जिले में एक सरपंच की हत्या कर दी थी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में हर हाल में पंचायतों को मजबूत करना चाहती है। इसके लिए वह पंचायत सदस्यों की सुरक्षा को लेकर एकीकृत कमान की अगली बैठक में चर्चा करेंगे। उमर ने नायब सरपंच की हत्या की निंदा करते हुए इसे आतंकियों की घिनौनी और क्रूर हरकत बताया। उन्होंने कहा कि पंचायत सदस्यों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
अब तक 400 दे चुके हैं त्यागपत्र
पंचायती चुनाव की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक ओर सरकार ब्लॉक व जिला विकास परिषद के गठन की तैयारियां कर रही है। वहीं आतंकियों की दहशत के चलते पंच-सरपंचों के इस्तीफे सारी कवायदों पर पानी फेर रहे हैं। कश्मीर में बीते एक साल में करीबन 400 पंच-सरपंच अपने पद छोड़ चुके हैं। पिछले चार महीनों में ही कश्मीर में छह पंच-सरपंच आतंकियों के हाथों मारे जा चुके हैं और दर्जन से ज्यादा जख्मी हुए हैं।
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