अटारी। जम्मू के चमेल सिंह का शव बुधवार को पाकिस्तान ने भारत को सौंप दिया। अटारी-वाघा सड़क मार्ग से भेजे गए शव को लेने के लिए उनके बेटे दारा सिंह और दीपक पहुंचे थे।
दारा सिंह ने बताया कि उनका गांव परागवाल जम्मू में पाकिस्तान सीमा से लगा हुआ है। 2008 में खेत में काम करते समय चमेल सिंह गलती से सीमा पार चले गए और पकड़े गए। चार साल तक उन्हें पिता के बारे में जानकारी नहीं मिली।
2012 में पाक की कोट लखपत जेल से आई चिट्ठी से पता चला कि वह गिरफ्तार हो गए हैं। इसके बाद इन लोगों ने उनकी रिहाई के लिए राज्य तथा केंद्र सरकार से पैरवी करनी शुरू कर दी।
डेढ़ महीने पहले खबर मिली कि उनकी मौत हो गई। फिर शव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सिंह के परिजन अटारी में तब नाराज हो गए जब शव को सरकारी गाड़ी से ले जाने की बात चली। इन लोगों का कहना था कि सरकार ने जीते जी खबर तो ली नहीं मरने के बाद शव कैसे ले जाएगी।
(वाघा बॉर्डर पर अपने पिता के शव का ताबूत खोलते दारा सिंह)