शहीदों में मध्यप्रदेश के सब इंस्पेक्टर एबी सिंह, कांस्टेबल ओमप्रकाश, झारखंड के कांस्टेबल सुभाष शामिल हैं। इनके अलावा तमिलनाडु के कांस्टेबल एल पेरूमल, कर्नाटक के कांस्टेबल सतीश सहाय भी शहीद हुए हैं।
घटना बेमिना इलाके के पुलिस पब्लिक स्कूल ग्राउंड की है। हड़ताल के कारण यह स्कूल बंद था। सीआरपीएफ कैंप इससे सटा हुआ है। ग्राउंड पर कुछ लड़के क्रिकेट खेल रहे थे। इसी बीच आतंकी ट्रैक सूट पहने क्रिकेट किट लेकर ग्राउंड में दाखिल हुए। वे वहां खेल रहे लड़कों में मिल गए। आतंकी किट में एके-47 और ग्रेनेड लेकर लाए थे। देखते ही देखते उन्होंने ग्राउंड में बैठे सीआरपीएफ जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी।
पाकिस्तानी आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने हमले की जिम्मेदारी ली है। केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने भी कहा कि सभी आतंकी पाकिस्तानी थे। उनके राज्य में दाखिल होने की खुफिया सूचना पहले से थी।
पिछला आत्मघाती हमला 2010 में हुआ था
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले को आत्म:ाती बताया है। इससे पहले 2010 में कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में ऐसा ही हमला हुआ था। इसमें दो पुलिसवालों की मौत हुई थी। बेमिना इलाके में मौजूद पुलिस एकेडमी को पहले भी आतंकी निशाना बना चुके हैं। वहां पुलिस रहवासी कॉलोनी और कुछ सरकारी दफ्तर भी हैं। इसके चलते इलाके में कड़ी सुरक्षा रहती है।
जहां हमला हुआ, वहां अफस्पा हटाने की सिफारिश
जिस इलाके में हमला हुआ, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला वहां से आम्र्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) हटाने की सिफारिश कर चुके हैं। फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि एक्ट हटाना ही होगा। इसकी जरूरत सरहदी इलाकों में है। लेकिन, इस घटना के बाद इन दावों की हवा निकल गई है।
सीआरपीएफ पर पत्थरबाजी, कर्फ्यू
घायल जवानों के लिए ब्लड डोनेट करने जा रही सीआरपीएफ की गाड़ी पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। बचाव में जवानों ने फायरिंग की। इसमें एक युवक की मौत हो गई। युवक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने शाम को सीआरपीएफ के खिलाफ प्रदर्शन किया। सीआरपीएफ आईजी वीएस यादव ने बताया कि पत्थर लगने से एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ है। तनाव के मद्देनजर श्रीनगर में कफ्र्यू लगा दिया गया है।
शनिवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को भोज और बुधवार को हमला
शनिवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ अजमेर की यात्रा पर आए थे। जयपुर में उनको दिए सरकारी भोज को लेकर सरकार की काफी आलोचना हुई थी। महज चार दिन बाद पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला कर दिया।
(फोटो: हमले में शहीद हुए अपने साथी के शव के पास खड़ा सीआरपीएफ का एक जवान। इस जवान के हाथ में एक लाठी और आंसू गैस के गोले दागने वाली बंदूक दिख रही है।)