कश्मीर पर ओबामा के विचारों से सहमत हैं फारूक

श्रीनगर। कश्मीर को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के विचारों से केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला ने सहमति जताई है। ओबामा ने कहा था कि कश्मीर मसले को केवल भारत और पाकिस्तान को ही सुलझाना चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा, ‘ओबामा ने कहा कि हम प्रारंभ से जानते हैं कि अगर कश्मीर मुद्दे को सुलझाना है तो भारत और पाकिस्तान को ही यह करना है।’ उन्होंने कहा कि केंद्र ने हमेशा से यह कहा है कि कश्मीर भारत और इस्लामाबाद के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है और इसे दोनों को सुलझाना है। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष ने हालांकि इस मुद्दे को सुलझाने में हो रही देरी पर निराशा जताई।जम्मू-कश्मीर का बाहर से कोई समाधान निकालने को खारिज करते हुए ओबामा ने रविवार को कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद को दोनों देशों को आपस में सुलझाना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत में निवेश के माहौल के बारे में दिये बयान के बारे में पूछे जाने पर फारूक ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत बीमा और बैंकिंग क्षेत्र को एफडीआई के लिए खोले। उन्होंने कहा, ‘भारत में गठबंधन की सरकार है जिसके कारण हमारे समक्ष बाध्यताओं हैं। कुछ गठबंधन सहयोगी इन क्षेत्रों को एफडीआई के लिए खोलने के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि इससे उनका वोट बैंक प्रभावित होगा।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को कड़े कदम उठाने होंगे जो दीर्घावधि में भारत की प्रगति के लिए लाभप्रद हों।






