‘विश्वास है कि भारतीय युवा वर्ग सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है’

श्रीनगर. भारत के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कश्मीर के युवाओं पर बल दिया है कि वे प्रत्येक क्षेत्र की गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्र के भविष्य को संवारने हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। भारत एक ऐसा राष्ट्र है यहां पर अरब से ऊपर लोग विचारों, ऊर्जा एवं इंटरप्राइज को आगे लाने हेतु युवा जनसंख्या इसमें विशेष भूमिका निभा सकती है। कश्मीर विश्वविद्यालय में 18वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि ‘मुझे पूरा विश्वास है कि भारत का युवा वर्ग एक सशक्त एवं मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि ‘यह भारत कल के लिए है जिसके माध्यम से ग्रोथ के साथ जम्मू कश्मीर के युवाओं को विभिन्न स्तर के अवसर मुहैया होंगे। उन्होंने भारत की प्रगति के लिए युवा कश्मीरियों के योगदान की सराहना की तथा कहा कि बंदूक संस्कृति को हम पीछे छोड़ आये हैं आइये हम नये सपनों को साकार करें तथा हमारे लिए भविष्य को संवारने के लिए संयुक्त प्रयास करना अति आवश्यक है। ‘मैं उनकी समस्याओं से पूरी तरह सजग हूं, बहुत से महत्वपूर्ण मुद्दों को निपटाने एवं तेजी से समाधान करने की आवश्यकता है। भारत सरकार एवं राज्य सरकार की यह संयुक्त जिम्मेदारी बनती है कि वे कश्मीरी को अखंडता, अधिकार एवं समानांतर अवसर मुहैया करवायें। राष्ट्रपति ने कहा कि आइये हम भारत के भविष्य की मजबूती के लिए कार्य करें तथा भविष्य को बताएं कि यहां विभिन्न प्रांतों के साथ जोन तक शांति एवं समृद्धि का वातावरण है। सफल होने वाले विद्यार्थियों को राष्ट्रपति ने कहा कि वे यहां कश्मीर विश्वविद्यालय में 18वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर आये है तथा यह उनके लिए एक अच्छा अवसर है कि वे लम्बे समय से अपने डिग्रियों की प्राप्ति का इंतजार कर रहे थे। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार ने अपनी 12वीं पंचवर्षीय योजना में इस उपलब्धी की प्राप्ति के लिए एक नीति तैयार की है। इसमें प्रांतीय समानता, साधन प्रबंधन करिकुलम, अनुसंधान का प्रोत्साहन एवं पर्यावरण में बढ़ोतरी के माध्यम से बेहतर क्षमताओं को आकर्षित करने का विस्तार किया जाएगा। कश्मीर की सुंदरता के बारे में उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए हमें पर्यावरण एवं इकोलॉजी को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आम तौर पर भूमि की कमी एवं मौसम परिवर्तन के बारे में भी जानकारी देने की आवश्यकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे युवा लोगों के साथ मिलने से यह पता लगा कि समाज को ओर अधिक महान पारदर्शिता लाने की आवश्यकता है। पासआउट विद्यार्थियों के भविष्य हेतु जिम्मेदारियों का याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उनसे कहा कि वे नए विश्व स्तर पर विभिन्न चुनौतियों के साथ एक राजदूत के तौर पर भी कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने के लिए आपको कई बार महत्वपूर्ण कदम भी उठाने पड़ सकते हैं इसके लिए ज्ञान अति आवश्यक है। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने कहा कि एसएटी के अधीन विश्वविद्यालय के 9 विभागों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्वीकृत सहायता दी जाती है तथा 8 विभाग साइंस एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ विश्रेय सहयोग हेतु पंजीकृत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने एकेडमिक सौजन्य के माध्यम से देश के बाहर एवं देश में प्रीमियर एकेडमिक संस्थानों में प्रवेश किया है। राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह पर पास होने वाले विद्यार्थियों में गोल्ड मेडल एवं प्रमाणपत्र भी वितरित किए। विश्वविद्यालय लाएं जीआर में बेहतरी : राज्यपाल राज्यपाल एनएन वोहरा ने वीरवार को राज्य के विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों ग्रास इनरोलमेंट रेशो में बेहतरी लाने के साथ इन्हें माननीय केन्द्र बनाने की जरूरी पर बल दिया। ताकि इन संस्थानों से पास होने वाले विद्यार्थी विभिन्न स्तर के लक्ष्यों की प्राप्ति करने में सफल रहे। राज्यपाल ने यह बात कश्मीर विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह में कही। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस अवसर पर सम्मानित अतिथि थे जबकि राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। राज्य में उच्च शिक्षा संस्थानों की ग्रोथ के हवाले से राज्यपाल ने कहा कि जेएंडके में दो कृषि विश्वविद्यालयों के अलावा 7 अन्य विश्वविद्यालय जिनमें 2 केन्द्रीय विश्वविद्यालय भी शामिल है। राज्यपाल ने राष्ट्रपति का दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर निमंत्रण स्वीकार करने हेतु धन्यवाद किया। उन्होंने डिग्री एवं अवार्ड प्राप्त करने वालों को भी बधाई दी तथा उनके सुखद भविष्य के लिए भी आशीर्वाद दिया। राज्यपाल ने कहा कि आज सभी विद्यार्थियों को अवार्ड देना संभव नहीं, इसलिए 17 अक्तूबर को एक समारोह में शेष विद्यार्थियों को डिग्री मेडल एवं प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह भेंट किया। समारोह के अवसर पर प्रथम महिला ऊषा वोहरा भी थी। कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य, संसद सदस्य, विभिन्न विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर, विश्वविद्यालय कौंसिल के सदस्य, प्रबंधन बोर्ड एवं एकेडमिक कौंसिल, बुद्धिजीवी, सिविल समाज के गणमान्य सदस्य, सिविल पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी, डीन, विभागीय प्रमुख, फेकल्टी सदस्य तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।
PIX : जानिए, स्वर्ग जैसा कश्मीर कैसे बनता गया नर्क
PIX : नेहरू की इन गलतियों से अब भी जल रहा है कश्मीर
तस्वीरों में देखिए, पीएम मनमोहन सिंह के खिलाफ...









