शिक्षा पर करोड़ों खर्च लेकिन शिक्षक बच्चों का नहीं, मंत्रियों को संवार रहे भविष्य

जम्मू।राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैया करवाने हेतु कई करोड़ों रुपए खर्च कर योजनाओं को अमल में लाया जा रहा है। लेकिन कुछ टीचर्स ऊंची पहुंच के चलते बच्चों को पढ़ाने के बजाए मंत्रियों एवं बोर्ड के चेयरमैनों के साथ उनके पब्लिक रिलेशन आफिसर के तौर पर काम कर रहे हैं। कई मंत्रियों ने अपने साथ लेक्चरर और मास्टर ग्रेड स्तर के टीचर्स को भी साथ रखा हुआ है।
मिली जानकारी के मुताबिक उपमुख्यमंत्री तारा चंद के साथ अशोक कुमार टीचर और लेक्चरर प्रभु सिंह अटैच हैं। प्रभु सिंह खौड़ विधानसभा क्षेत्र के साई हाई सेकेंडरी स्कूल में लेक्चरर के तौर पर तैनात थे जबकि अशोक कुमार खौड़ में जेडईओ आफिस में लगे थे। सूत्रों के मुताबिक प्रभु सिंह उपमुख्यमंत्री ताराचंद के इतने खास हैं कि वह तब से उनके अटैच हैं जब डिप्टी सीएम विधानसभा के स्पीकर थे। उपमुख्यमंत्री ने उन्हें अपने पब्लिक रिलेशन आफिसर (पीआरओ) के तौर पर अटैच रखा हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री शाम लाल शर्मा ने जेडईओ आफिस चौकी चौरा में तैनात अश्विनी कुमार को अपने साथ अटैच करवाया हुआ है। पीएचई, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री ने भी मास्टर ग्रेड सलीमा खान को अपने साथ अटैच रखा है। गुज्जर एंड बक्करवाल बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन ने टीचर सुरेन्द्र कुमार और एक अन्य डिप्टी चेयरमैन ने अल्का बुखारी को अपने साथ अटैच रखा है। अल्का बुखारी किस डिप्टी चेयरमैन के साथ अटैच हैं यह नहीं बताया।
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जिन अन्य मंत्रियों एवं बोर्ड के चेयरमैनों ने अपने साथ टीचर और मास्टर ग्रेड टीचर को साथ रखा है उनमें राज्य मंत्री डॉ मनोहर लाल शर्मा, वाइस चेयरमैन गुज्जर एंड बक्करवाल, नागरिक सचिवालय में पीडब्ल्यूडी विभाग, राज्य मंत्री शबीर खान, पहाड़ी सलाहकार बोर्ड के साथ पुंछ जिले में 5 टीचर को अटैच किया गया है। हैरानी की बात है कि इन मंत्रियों और बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के साथ लगे टीचर्स को अटैच किए जाने बारे ठोस वजह को नहीं बताया गया। कम से कम डेढ़ दर्ज से अधिक टीचर्स मंत्रियों एवं सलाहकार बोर्ड के चेयरमैनों के साथ अटैच हैं। पुंछ जिले में सबसे अधिक टीचर अटैच हैं लेकिन वे किसके साथ हैं इस बारे नहीं बताया गया। कश्मीर संभाग में भी दो टीचर मंत्री और सलाहकार बोर्ड के साथ अटैच हैं। सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों को खास सहुलियत दी गई है कि वे अपनी मर्जी के मुताबिक अपने स्टाफ को रख सकते हैं। इसीलिए इन मंत्रियों ने टीचर्स और लेक्चरर को अपने साथ रखा है।






