जम्मू, श्रीनगर का होगा कायाकल्प, बनेगी रिंग रोड

जम्मू. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू तथा श्रीनगर में जम्मू रिंग रोड के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को श्रीनगर में इस परियोजना को मंजूरी देते हुए कहा कि इससे यातायात के लिए एक वैकल्पिक संसाधन मिलेगा। नेशनल हाई वे अथॉर्टी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) तथा राज्य के आरएंडबी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक में इसे मंजूरी दी गई। उमर ने इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन पर 3000 करोड़ रु. की लागत आएगी।
मुख्यमंत्री ने एनएचएआई को निर्देश दिए कि वे परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें और इसे अंतिम रूप देने के लिए आरएंडबी विभाग को भेजें। जम्मू में 4 लेन रिंग रोड पर 1355 करोड़ रू. की राशि खर्च होगी। इसमें एक टोल प्लाजा होगा। यह रोड विजयपुर तहसील के रायपुर से शुरू होकर अखनूर से जुड़ेगी। इसी तरह नगरोटा बाईपास का विस्तार किया जाएगा। यह रिंग रोड 60 किलोमीटर लंबी होगी। इसमें पहले चरण में 4 बड़े पुल तथा दूसरे चरण में 4 इसी तरह के पुल बनाए जाएंगे। पहले चरण में छोटे पुल की संख्या 5 तथा दूसरे चरण में 4 होगी।
प्रत्येक चरण में 2 फ्लाई ओवर तथा 2 ओवर हेड ब्रिज होंगे। रायपुर से अखनूर तक पहले चरण में रोड की लंबाई 43 किलोमीटर तथा दूसरे चरण में 16.9 किलोमीटर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों, कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संचार सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए उनकी सरकार की नीति रही है। राज्यभर में बेहतर यातायात प्रबंधन के साथ सड़कों को भी अधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि दोनों राजधानियों में रिंग रोड का निर्माण करें। एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक ने पावर प्वाईंट प्रस्तुत करते हुए प्रस्तावित सड़क परियोजना पर रोशनी डाली।







