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खुद बीमार हुए तो सबके इलाज का इंतजाम किया
गोविंद चौहान
| Dec 16, 2012, 01:45AM IST

जम्मू. जगदीश कुमार। शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र में सीनियर लेक्चरर। 48 साल के जगदीश हिमोफीलिया से पीड़ित हैं।
15 साल पहले उन्हें यह बीमारी हुई। जब इलाज के लिए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस गए तो पता चला कि करीब पांच लाख रुपए खर्च होंगे। अपने इलाज के साथ जगदीश ने जम्मू संभाग में अपने करीब डेढ़ सौ मरीजों की जानकारी जुटाई। इनमें हर उम्र और वर्ग के लोग शामिल हैं। ज्यादातर लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
उन्होंने एक संस्था बनाकर इन्हें संगठित किया। अपनी आधी तनख्वाह इसी में लगा दी। वे कहते हैं कि सिर्फ एंटी हिमोफीलिक फैक्टर की न्यूनतम कीमत 25 हजार रुपए है। अगर किसी मरीज को छोटी सी चोट लग जाए तो बहते खून को रोकने के लिए लाखों रुपए चाहिए। इलाज के लिए दिल्ली जाना मजबूरी है।
उन्होंने नेशनल हिमोफीलिया फाउंडेशन की मदद से इन मरीजों का इलाज मुमकिन किया। वे हर हफ्ते स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाते हैं।






