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मांगों को लेकर भड़कीं आशा वर्कर
bhaskar news
| Sep 28, 2012, 07:14AM IST

आशा वर्करों को वरिष्ठ नेता शाम प्रसाद केसर ने कहा कि आशा वर्करों से जिस प्रकार से काम लिया जाता है, उसके अनुरूप उन्हें वेतन नहीं दिया जाता। वो गांव में बच्चे के जन्म व मृत्यु का हिसाब रखने के अतिरिक्त ग्राम पंचायत की स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई कमेटियों के संग भी सहयोग करती हैं। इस प्रकार उन्हें रोजाना पांच से सात घंटे काम करना पड़ता है। लेकिन उन्हें जो भत्ता मिल रहा है वो केवल 500 से 1000 रुपये प्रति माह के बीच है।
सीटू महासचिव ओम प्रकाश ने कहा कि पिछले दो वर्षो से वो आशा वर्करों के हक के लिए आवाज उठाते आ रहे हैं। परंतु स्वास्थ्य विभाग के खराब रवैये के चलते आशा वर्करों को न तो सही वेतन मिल रहा है और न ही बेहतर सेवा सुविधाएं। आशा वर्कर्स यूनियन की प्रधान सुनीता भगत ने मांग उठाई कि जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए। अन्यथा, अपने हक के लिए राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ना पड़ेगा।







