विज्ञापन
 
Home >> Lifestyle >> Relationships >> All Children Develop The Habit Of Speaking The Truth

ऐसे करें बच्चों में सच बोलने की आदत का विकास

Danik bhaskar.com | Dec 02, 2012, 11:35AM IST
 
 


कई बार छोटी उम्र में बच्चे झूठ बोलते हैं। अभिभावक खुद को इसका  कुसूरवार मानते हैं। इसमें अभिभावकों की कोई गलती नहीं है। बच्चों के मानसिक विकास में झूठ बोलना शामिल है।



मैकग्रिल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डॉ. विक्टोरिया तलवार कहते हैं कि चार साल का बच्च दो घंटे में एक बार और छह साल का बच्चे एक घंटे में एक बार झूठ बोलता है।

 

ये पता लगाना दिलचस्प है कि बच्चे झूठ बोलना कैसे शुरू करते हैं? नर्चर शॉक किताब के लेखक पो.ब्रोनसन कहते हैं कि बच्चे झूठ बोलने से पहले किसी ऐसे सच का पता लगाते हैं जिसे वे दूसरों के आगे बोल सकें। इसके लिए खास स्किल्स की जरूरत पड़ती है। झूठ बोलना धीरे-धीरे गंभीर समस्या बन जाती है। बच्चे बातें छुपाते हैं या अकेले रहने लगते हैं। बच्चों की यह आदत सुधारने के लिए अभिभावक ये करें...



जो बच्चे सच बोलना चाहते हैं वे सच बोलेंगे। अगर वे सच नहीं बोलना चाहते तो ये आपकी जिम्मेदारी है कि आप उन्हें सच बोलने के लिए प्रोत्साहित करें। बच्चों पर दबावन डालें। दबाव में बच्चे जल्दी झूठ बोलने लगते हैं।



झूठ के मामले में अच्छी या बुरी धारणा न बनाएं। सच की आदत बढ़ाने के लिए चर्चा करें। बातचीत के लिए खुला वातावरण बनाएं। उन्हें सच की जानकारी दें। उन्हें बताएं कि विश्वास बनाने के लिए सच जरूरी है।



जब आपको लगे कि बच्च झूठ बोल रहा है तो उसे प्यार से सच बात पूछें। उसे डांटें नहीं। जब वह सच बोले तो उसे प्यार से सुनें।बच्चे बार-बार झूठ बोले तो उसकी गहराई तक पहुंचें। इससे परेशानी बढ़ सकती है।



बच्चे पर रियलिटी चैक करें यानी देखें कि बच्च दिन में कितनी बार और कब-कब झूठ बोलता है। एक बात याद रखें कि बच्चे हमें लगातार देख रहे हैं इसलिए आप कम से झूठ बोलें। जो आप कहेंगे बच्च वही सीखेगा।

 

आपके विचार
 
 
कोड:
8 + 7

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment