वॉकिंग से कहीं ज्यादा बेहतर है जॉगिंग!
dainikbhaskar.com
| Aug 31, 2012, 11:08AM IST

एक नई स्टडी के मुताबिक जॉगिंग से न सिर्फ कम थकान होती है, बल्कि वॉकिंग की तुलना में यह मांसपेशियों के लिए भी बेहतर व्यायाम है। इसके जरिए कम समय में ही अपेक्षित परिणाम मिल सकते हैं।
क्या है वजह
प्रति सेकंड दो मीटर की रफ्तार से जॉगिंग करने से पैर की मांसपेशियां बेहतर ढंग से काम करती हैं। इस कारण मांसपेशियों से तारत्म्य बरकरार रखने के लिए जो ऊर्जा निकलती है, उससे स्टेमिना बढ़ता है।
वैज्ञानिक कसौटी पर परख
अमेरिकी रिसर्चर्स ने ट्रेडमिल पर लोगों का अल्ट्रासाउंड लिया। वे जानना चाहते थे कि वॉकिंग या जॉगिंग के दौरान उनके पैरों की मांसपेशियां किस तरह व्यवहार करती हैं? प्राप्त परिणाम बताते हैं कि पैर की पिंडलियों की मांसपेशियां जॉगिंग के वक्त 'कार क्लच' का काम करती हैं।
दूसरे शब्दों में कहें तो तेज वॉक करने से मांसपेशियों को कड़ा श्रम करना पड़ता है, जबकि ऊर्जा कम मिलती है। इस कारण धीरे-धीरे स्टेमिना कम होने लगता है। इसके विपरीत दो मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से जॉगिंग करते वक्त मांसपेशियों को उतना श्रम नहीं करना पड़ता। साथ ही वे ज्यादा ऊर्जा प्रेषित करती है, जिससे स्टेमिना में वृद्धि होती है।








