ये है समुद्र तल से 900-1800 मी. ऊंचा

केरल के तेक्कडी का नाम जेहन में आते ही हाथी, असीम श्रृंखला वाली पहाड़ियों और सुगंधित मसालों के बगानों की तस्वीर उभर आती है। तेक्कडी का पेरियार वन भारत का एक बेहतरीन वन्य जीव अभयारण्य है। ये मनोरम बगान और पहाड़ियों वाले शहर पूरे जिले में फैले हैं, जो ट्रैकिंग तथा पहाड़ी भ्रमण के लिए अच्छा अवसर प्रदान करते हैं।
सड़क मार्ग
कुमली (4 किमी दूर) से विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए नियमित बस सेवा उपलब्ध है।
वनस्पतियां
फूलों वाले लगभग 1965 पौधे, 171 घास प्रजातियां, ऑर्किड की 143 प्रजातियां, और केवल यहां पाया जाने वाला दक्षिण भारतीय पोडोकार्पस वैलिचियानस।
जीव-जंतु
स्तनपायी: जंगली हाथी, गौर, सांभर तथा जंगली सुअर समेत 35 प्रजातियां, जिन्हें आप नौका विहार करते हुए देख सकते हैं, ऊंची चोटियों वाले क्षेत्रों में आप नीलगिरी टार, सदाबहार जंगलों में लुप्तप्राय लायन टेल्ड मकाक, मलाबार विशाल गिलहरी, उड़ने वाली गिलहरी, बाघ, जंगली बिल्ली, स्लोथ बीयर इत्यादि जैसे वन्य जीवों के दर्शन कर सकते हैं।
पक्षी:265 प्रजातियां जिनमें प्रवासी पक्षी भी शामिल है। यहां हॉर्न बिल, स्टॉर्क, कठफोड़वा, किंगफिशर, रैप्टर, कॉर्मोरेंट, ग्रैकल, डार्टर इत्यादि पाए जाते हैं।
सरीसृप:नाग, वाइपर, करैत, कई सारे विषहीन सांप तथा मॉनिटर गिरगिट पाये जाते हैं।
उभयचर: मेंढक, टोड्स तथा पादहीन कैसेलियन, जिनमें शामिल हैं रंग-बिरंगे मलाबार ग्लाइडिंग फ्रॉग, सामान्य भारतीय टोड, फंगॉयड मेंढक तथा दो रंगों वाले मेंढक ।
पेरियार झील तथा जलधाराओं में मछलियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें शामिल हैं- मशीर, जो भारत का एक प्रसिद्ध क्रीड़ा मीन है। नौका से आप उदबिलाव, जो झील में पाया जाने वाला एकमात्र स्तनपायी है, की झलक पा सकते हैं।
बगान: पेरियार वन्य जीव अभयारण्य के चारों ओर चाय, इलायची, काली मिर्च तथा कॉफी के बगान पाए जाते हैं।








