इन दिनों मोबाइल रिचार्ज करने के लिए प्रीपेड कार्ड का इस्तेइमाल धड़ल्ले से किया जाता है। लेकिन अब इस्तेमाल करने से पहले सावधानी जरूर बरतें नहीं तो बहुत जल्द कैंसर के मरीज बन जाएंगे।
पिछले दिनों आई एक रिसर्च में बताया गया है कि स्क्रैच कार्ड की कोटिंग में मौजूद हेवी मैटल बॉडी में जाने से आप कैंसर पेशंट बन सकते हैं। दरअसल, प्रीपेड रिचार्ज कूपन का स्क्रैचिंग एरिया सिल्वर नाइट्रिक ऑक्साइड से कोटेड होता है। साथ ही, कोटिंग मटीरियल में कैडमियम और ऐल्युमिनियम भी होता है।
गौरतलब है कि ज्यादातर लोग रिचार्ज कार्ड को नेल्स की मदद से ही स्क्रैच करते हैं। ऐसे में, कोटिंग मटीरियल में मौजूद तमाम खतरनाक मेटल नेल्स में जमा हो जाते हैं। इसके बाद जब भी आज खाना खाते हैं, तो नेल्स में मौजूद ये कोटिंग मटीरियल खाने के साथ या फिर स्मॉल बॉडी वेसेल्स के जरिए सीधे बॉडी में अब्जॉर्ब हो जाते हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्क्रैच कोटिंग में पाए जाने वाले केमिकल बॉडी में जाने के बाद डीएनए को डैमेज कर देता है। थोड़े टाइम बाद बॉडी में कैंसर एजेंट कार्सिनोजेन डिवेलप हो जाता है। इस वजह से ग्लैडर कैंसर, लीवर कैंसर या ब्लड कैंसर होने की संभावना रहती है।
एग्जाम्स में भी स्टूडेंट्स अपने क्वेश्चन पेपर या कॉपी नंबर को स्क्रैच करते हैं या कई कंपनियां अपने प्रॉडक्ट के साथ फ्री गिफ्ट वाले स्क्रैच कार्ड भी देती हैं। इनहें कभी भी हाथ से स्क्रैडच न करें इसे चाबी या सिक्केर से स्क्रै च करें।