नर्वस सिस्टम
तनाव होने पर शरीर में जो भी बदलाव होते हैं, उनमें सभी एनर्जी रिसोर्स लग जाते हैं। ऐसी स्थिति में नर्वस सिस्टम एड्रेनल ग्लैंड्स को एड्रेनालिन और कार्टिसोल हार्मोन को सक्रिय करने का संदेश देता है। ये हार्मोन्स ही पीड़ित की हृदय गति तेज होने, ब्लडप्रेशर बढ़ने और डाइजेस्टिव प्रोसेस में बदलाव के लिए जिम्मेदार होते हैं।
हृदय
तनाव में हृदय की मांसपेशियां अकड़ने लगती हैं और धड़कन बढ़ जाती है। जो रक्त वाहिकाएं हृदय की मांसपेशी तक रक्त पहुंचाने का काम करती है, वे तनाव में ज्यादा रक्त पहुंचाने लगती हैं। अचानक रक्त की मात्रा बढ़ जाने से पीड़ित को सांस लेने में परेशानी होती है और हार्ट अटैक की आशंका भी बढ़ जाती है।