पॉर्न के चक्कर में भले ही कुछ नेता बदनाम हो गए। लेकिन दिल्ली के ऑफिस और कॉलेज में भी खुलेआम लोग पॉर्न देखते देखे जा सकते हैं। सनी के यहां आने से लोगों का झुकाव पॉर्न फिल्मों की तरफ ज्यादा हो गया है।
हाल ही में कुछ युवाओं पर हुए सर्वे में यह बात सामने आई है कि पार्किंग से लेकर रेड लाइट तक , ऑफिस से लेकर कॉलेज लैब और साइबर कैफे तक वे इसे खूब एंजॉय करते हैं ।
टाइम पास के लिए देखते हैं
जहां बंद कमरे में लोग पॉर्न देखते थे वही अब दिल्ली के युवा घर से लेकर ऑफिस - कॉलेज से लेकर साइबर कैफे तक कभी भी देख लेते हैं। कभी दोस्तों के साथ मस्ती के लिए , तो कभी अकेले होने पर टाइम पास के लिए इन क्लिपिंग्स को देखना कोई माइंड नहीं करता।
वहीं पकंज मिश्रा ट्रैफिक व पार्किंग में टाइम पास करने के लिए अपने मोबाइल पर पॉर्न देखते हैं। उनका कहना है कि इस आइडिया में बुराई क्या है ?
ऑफिस भी बच न सका
दिल्ली के ऑफिस में भी लोग पॉर्न देखने से बाज नहीं आते हैं। देर रात काम करने वाले लोगों का कहना है कि जब नींद परेशान करने लगती है तो पॉर्न देखकर नींद से निजात पा जाते हैं।
हाईटेक मोबाइल सबसे बड़ा सोर्स
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाईटेक मोबाइल फोन पॉर्न का सबसे बड़ा सोर्स बन चुके हैं। मोबाइल की वजह से पॉर्न की पूरी लाइब्रेरी अब लोगों के साथ होती है। जब मूड हुआ और समय मिला , इससे दिल बहला लेते हैं लोग।
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