सहमति से यौन संबंध बनाने की उम्र 18 से घटाकर 16 करने का फैसला नहीं हो पाया। सांसदों के दबाव और कुछ मंत्रियों के विरोध के चलते कैबिनेट में इस पर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद प्रधानमंत्री ने संशोधनों पर विचार के लिए इसे चिदंबरम की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह (जीओएम) को सौंप दिया।
वहीं एंटी रेप लॉ को लेकर कैबिनेट में मतभेद उभर आए हैं। इस मुद्दे पर कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई गई थी। लेकिन कानून और गृह मंत्रालय के बीच सहमति से सेक्स की उम्र, रेप जैसे शब्दों के इस्तेमाल समेत कई मुद्दों पर मतभेद उभरे हैं। सरकार ने मतभेद दूर करने के लिए जीओएम का गठन किया है।
गौरतलब है कि रेप के खलिाफ सरकार के अध्यादेश की समय सीमा 22 मार्च को समाप्त हो रही है। ऐसे में केंद्र सरकार को एंटी रेप लॉ बलि को संसद में 22 मार्च तक पास कराना होगा, नहीं तो अध्यादेश अपने आप समाप्त हो जाएगा और सरकार की करिकरिी होगी।
आइए, तस्वीरों के जरिए नजर डालते हैं बहस का मुद्दा बन चुके इस विषय की कुछ खास बातों पर...क्या ये बाकई में रिश्ते की परिभाषा बदल देगा...?