वर्कआउट पर मन में नहीं रहे कोई शंका
dainikbhaskar.com | Sep 01, 2012, 16:06PM IST

नो पेन तो नो गेन?
कुछ लोग सोचते हैं कि वर्कआउट करते समय जब तक बॉडी में दर्द नहीं होगा, तब तक रिजल्ट मिल ही नहीं सकता। लेकिन यह सोच गलत है। अगर आप अपनी क्षमता से ज्यादा वेट लिफ्टिंग करेंगे तो मसल्स को नुकसान पहुंचेगा। आपको वर्कआउट करना है, लेकिन खुद को तकलीफ पहुंचाए बिना। सही तरीका अपनाएंगे, तभी फायदा मिलेगा।
पसीना बहाना जरूरी है?
कई लोगों को लगता है कि पसीना बहाएंगे, तभी फिट रहेंगे। पसीने का फिटनेस से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि पसीना तो धूप में भी आता है। अब धूप में पसीना बहाने से फिटनेस तो इंप्रूव नहीं होती। मेहनत की वजह से शरीर का तापमान बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में तापमान नियंत्रित करने के लिए ही पसीना आता है।
अधिक एक्सरसाइज करें?
कुछ लोग जोश में या जल्दी रिजल्ट देखने के लिए जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने लगते हैं। ऐसे में फायदा मिलने के बजाय नुकसान ही होता है। ओवर एक्सरसाइज करने से मसल्स लॉस होने लगता है। इससे मसल्स कमजोर होती हैं और फैट का प्रतिशत भी कम नहीं होता। इस स्थिति में मसल्स और फैट का अनुपात गड़बड़ा जाता है।
अधिक उम्र में जरूरी नहीं?
युवावस्था में एनर्जी और एक्टिविटी लेवल ज्यादा होता है। ऐसे में वर्कआउट नहीं भी किया तो चलता है, लेकिन अधिक उम्र में ऐसा नहीं है। आपने अब तक वर्कआउट नहीं किया है तो अभी करना शुरू कर दें। फिटनेस इंप्रूव करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती है।
वेट ट्रेनिंग महिलाओं के लिए नहीं?
महिलाओं को डर होता है कि वेट ट्रेनिंग करने से उनकी बॉडी पुरुषों जैसी हो जाएगी, पर ऐसा नहीं है। महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन अधिक और टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन कम होता है, इसलिए उनकी बॉडी कभी पुरुषों जैसी हो ही नहीं सकती। कई बार बाल्टी या बच्चे को उठाने के दौरान वेट ट्रेनिंग से ज्यादा वेट लिफ्टिंग हो जाती है और महिलाओं को इसका पता ही नहीं चल पाता।






