पुरुषों में 20 से 25 साल के आस पास सेक्स हार्मोन का स्तर सबसे ऊंचा होता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ साथ यह स्तर घटने लगता है।
डॉ हैकेट के मुताबिक इस घटते हार्मोन स्तर के साथ कई और तरह की बीमारियों का ख़तरा भी बढ़ जाता है, "टेस्टोस्टेरोन के घटते स्तर की वजह से मधुमेह और ह्रदयरोग जैसी बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है, इसलिए इस कमी का निदान होना ज़रूरी है ताकि इन जानलेवा बीमारियों से बचा जा सके।"
पुरुषों में सैक्स हॉमौन की कमी रिश्तों में दरार और अवसाद की ज़िम्मेदारी की वजह बन सकती है।