आम के आम गुठलियों के दाम..
Dainikbhaskar.com | Apr 18, 2012, 15:35PM IST

कम हैं, जबकि ये ज्यादा पौष्टिक भी हैं। महंगी दालों के विकल्प के रूप में इनका इस्तेमाल आपको ज्यादा लाभ देगा। क्च इसके अलावा अरहर की दाल में १ चम्मच बेसन या आटा डालकर दाल पकाएं। इससे
स्वाद में इजाफा होगा। दाल गाढ़ी बनेगी और दाल की खपत भी कम होगी। दाल में एक हिस्सा चना और चार हिस्सा गेहूं का आटा मिलाकर रोटी बनाएं। दाल का खर्च कम होने के साथ बराबर पोषण भी मिलेगा। यह रोटी सब्Êाी, चटनी या दही के साथ खाएं। बेसन का विकल्प क्च अन्य दालों की तुलना में चने की दाल महंगी है, सो कढ़ी, पकौड़े आदि बनाने के लिए सादे या मिलेजुले अनाज से आटा तैयार करें। क्च रायते में बूंदी की बजाय खीरा, ह्रश्वयाÊा आदि कच्ची सब्जियों का उपयोग करें। इससे रायते में पोषण की मात्रा बढ़ जाएगी। हरी सब्जियां बहुत महंगी हैं, तो हफ्ते में २-३ बार साबुत दालें, छोले, राजमा आदि बना सकते हैं। ये सब्जियां खनिज व विटामिनों का अच्छा स्रोत होती हैं। इनसे हमें घुलनशील विटामिनबी कॉम्पलेक्स भरपूर मात्रा में मिल जाता है। क्च कद्दू का भरता भी बना सकते हैं। ये भी काफी पौष्टिक विकल्प है। ख्याल रहे!! भोजन में यदि साबुत अनाज बना रहे हैं, तो सलाद के रूप में मिली-जुली सब्जियों को शामिल करना न भूलें।
खटाई के लिए
क्च सब्ज़ी में खटाई के लिए नीबू की जगह स्वाद व सेहत से भरपूर इमली का रस या चुटकीभर आंवले के चूर्ण इस्तेमाल कर सकते हैं। क्च चटनी बनाने के लिए अमचूर पाउडर या कैरी
का उपयोग कर सकते हैं।
तीखापन जरूरी है
क्च खाने में लाल मिर्च पाउडर की जगह हरी मिर्च उपयोग करें। इससे कैह्रिश्वससीन की पर्याह्रश्वत मात्रा मिलेगी। सब्Êाी में न डालना चाहें, तो रायते, पराठे-पूरी में बारीक कटी हरी मिर्च डाल सकते हैं। इससे विटामिन ए व सी मिलेगा।
शाही सब्जियां
क्च सब्जियों की ग्रेवी के लिए काजू पेस्ट की जगह मूंगफली पेस्ट इस्तेमाल करें। क्च इसी तरह सब्जियों में मावे के बजाय मलाई और ब्रेड का चूरा डाल सकते हैं। ब्रेड का भूरा भाग अलग करें और उसके टुकड़े कर मलाई में एकसार करके डालें। सॉस नहीं, ताजी चटनियां क्च सॉस की बजाय ताजी चटनियां बनाकर खाएं। टमाटर, कैरी, दहीनारियल, अमरूद, दही-मूंगफली, हरे, धनिए, पुदीने, चना दालमं गफली-दही आदि की चटनी बना सकते हैं। चटनियों से विटामिन-ए, सी व फॉलिक एसिड भरपूर मात्रा में मिलेगा, जो कि सॉस से नहीं मिलता।
मीठे का क्या
आइसक्रीम-पुडिंग सजाने के लिए शहद का उपयोग महंगा पड़ता है। इसकी बजाय गुड़ की चाशनी या शक्कर को कैरामलाइÊा करके इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्च काजू की बर्फी बनाते समय मूंगफली या काजू बराबर मात्रा में इस्तेमाल करें। दिन-ब-दिन महंगाई बढ़ने के कारण अनिवार्य वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। इस बार के बजट के अनुसार रोज़मर्रा में उपयोगी कई चीजों पर सर्विस टैक्स बढ़ गया है। इसका असर घर के मासिक बजट पर पड़ना भी निश्चित ही था।
स्वाभाविक है आटा, दाल, दूध इत्यादि Êारूरतों को तो कम नहीं किया जा सकता और न ही गुणवत्ता से समझौता सम्भव है। लेकिन कुछ उपाय हैं, जो सेहत और बचत का संतुलन बनाने में अहम होंगेदो गुना पोषण मिलेगा!!
पकने के बाद सब्जियों की पौष्टिकता कम हो जाती है। इसलिए रोज सलाद खाएं। इसमें नीबू व हरी मिर्च भी डालें। इससे विटामिन-ए व सी की पूर्ति होगी। ताजी सब्जियों का रायता भी बना सकते हैं। दूध के मुकाबले दही में कैल्शियम Êयादा होता है।
हालिया बजट के कारण मासिक रसोई खर्च बढ़ा है। कुछ उपाय हैं, जो आसमान छूती महंगाई और सेहत के बीच तालमेल बैठाने यानी दोगुना लाभ देने में मददगार हो सकते हैं।





