जीना सिखाता है कम्प्यूटर!
Source: भास्कर | Last Updated 15:35(06/08/11)
देखा जाए तो हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके कम्प्यूटर्स सिर्फ मशीन ही हैं, जिनके पास अपनी कोई सोच या समझ नहीं है। ये केवल हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कर हमारी मदद करने में सक्षम हैं। इसके बावजूद कम्प्यूटर की साज-सम्भाल के लिए अपनाए जाने वाले नियमों को अपने जीवन पर लागू कर सकते हैं। इसके कई लाभ हैं-
डीफ्रेगमेंटेशन की जरूरत हमें भी है।
कम्प्यूटर की हार्ड ड्राइव को नियमित रूप से डीफ्रेगमेंट करते रहने से कम्प्यूटर बेहतर और तेज कार्य करता है। डिफ्रेगमेंट करना, कम्प्यूटर की फाइलों को व्यवस्थित रखने की प्रक्रिया है। इसमें बेकार तत्वों को बाहर निकाल दिया जाता है और आवश्यक फाइलों को उनके नियत स्थान पर जमा दिया जाता है, ताकि वे जरूरत के वक्त आसानी से मिल जाएं।
जीवन को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए ऐसी ही कार्रवाई की जरूरत हमें भी होती है। ऐसे कार्य रोज करने की आदत डालें, लेकिन शुरुआत में आप इसे महीने में एक बार करके देखें। आप खुद ही समझ जाएंगी कि परिवेश को व्यवस्थित रखने की प्रक्रिया बेहद जरूरी है, वरना अव्यवस्था को पैर पसारते देर नहीं लगती।
जो कुछ अभी रिसाइकल बिन में है, वह अभी घर में ही है।
आप किसी गैरजरूरी फाइल को डिलीट करके रीसाइकल बिन में भेज देती हैं, लेकिन यह फाइल अभी भी डिलीट नहीं हुई होती, क्योंकि यह रीसाइकल बिन में सुरक्षित रहती है। ऐसा ही हमारे साथ भी है। हम घर को व्यवस्थित रखने के लिए कई गैर जरूरी चीजों को अटारी या स्टोर में रख देते हैं। लेकिन यह तरीका कारगर नहीं है। यदि आप वाकई फालतू सामान से निजात पाना चाहती हैं, तो ऐसे सामान को सिर्फ अपनी आंखों के सामने से नहीं, बल्कि घर से निकाल बाहर करें।
टेट्रिस नहीं है अलमारी जमाने का सबक।
शायद आपने कभी टेट्रिस खेला हो। इसमें ऊपर से गिरते ब्लॉक्स को एक-दूसरे में अटकाते हुए जमाते हैं और जगह बनाते जाते हैं। कुछ लोग अपनी अलमारियों को इसी तरह जमाते हंै, जिससे उनमें बिलकुल भी खाली जगह नहीं बचती। जबकि एक सीमा से Êयादा वस्तुओं को भरने से नुकसान ही नुकसान है- एक तो जरूरत के वक्त आपको चीजों को ढूंढने में परेशानी होगी, समय नष्ट होगा सो अलग। इस बात को समझिए कि हर खाली चीज को भरना जरूरी नहीं है।
हर चीज को सहेजने की जरूरत नहीं।
इंटरनेट के जरिए आप बहुत-सी जानकारियां और अन्य डेटा एक्सेस करती होंगी, लेकिन यह सभी चीजों आप कम्प्यूटर में तो सेव करके नहीं रख सकतीं। यही बात दूसरे पहलुओं चीजों के लिए भी सही है। कभी न कभी काम आएगी की मानसिकता के चलते कुछ लोगों को घर में ढेर सारा सामान सहेजने की आदत होती है। नतीजतन, हर सामान की सही देखरेख और प्रबंधन सही तरीके से नहीं हो पाता। इसलिए केवल उन्हीं चीजों को सहेजें, जिनकी आपको वाकई
जरूरत है।
जरूरी चीजों का बैकअप लेते रहना चाहिए।
कई बार तकनीकी खराबी के कारण कम्प्यूटर में सेव महत्वपूर्ण सूचनाएं नष्ट हो जाती हैं। इसलिए जरूरी फाइलों को सुरक्षित रखने के लिए उनको बैकअप लेते रहने की सलाह दी जाती है। इसी तरह आपके महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर भी संकट आ सकता है। इनका भी बैकअप लेकर रख लें। इंशोरेंस पॉलिसी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि से जुड़ी महत्पवूर्ण जानकारियों को किसी डायरी में लिखकर रखें या इनकी फोटोकॉपी की अलग फाइल तैयार करें।
कभी न कभी नई शुरुआत करनी पड़ती है ।
हम सभी अपने कम्प्यूटर को तकनीकी खराबियों से बचाने की हर कोशिश करते हैं, लेकिन हमेशा यह प्रयास पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाते। ऐसी स्थिति में एक ही रास्ता बचता है, कम्प्यूटर फॉर्मेट कर नई शुरुआत करना। यदि आप लम्बे समय से कम्प्यूटर पर कार्य कर रही हैं, तो आपने अनुभव किया होगा कि कभी-कभी अनियंत्रण इस सीमा तक हो जाता है कि न चाहते हुए भी सभी ड्राइव्स फॉर्मेट करने पड़ते हैं। ऐसे में आपका यही चाहती हैं कि किसी तरह थोड़ा-बहुत डेटा बच जाए और और नए सिरे से शरुआत की जाए। फिर जब एक बार फिर से कम्प्यूटर अच्छी तरह कार्य करने लगता है, तो आप प्रण कर लेती हैं कि अगली बार ये नौबत नहीं आने देंगी। यही फैसला कभी जिंदगी के हित में भी लेकर देखिए।