मेरे क्लीनिक पर तरह-तरह के मरीज आते हैं। एक मरीज जो उम्र में मुझसे कुछ बड़ी हैं। उनके व्यवहार से लगता है कि उन्हें मुझसे प्यार हो गया है। धीरे-धीरे उनकी सीमाएं मेरे प्रति घटती गईं, यहां तक की उन्होंने मुझसे इस बात का इज़हार भी कर दिया है। मैंने उन्हें बार-बार समझाया कि मैं शादीशुदा हूं और वो भी, तो हम दोनों अपने-अपने जीवनसाथी को धोखा कैसे दे सकते हैं, लेकिन वो मानने को तैयार नहीं हैं। मैं क्या करूं?
विजेता सुझावसत्य नारायण (हिसार, हरियाणा)
रघुवंशी जी, आपकी समस्या सुनकर लगता है कि यह खुद आपके द्वारा खड़ी की गई है। ताली हमेशा दोनों हाथों से ही बजती है। उनकी घटती सीमाएं आपकी मौन स्वीकृति की ओर इशारा करती है। यह प्यार नहीं वासना है। यह समझ लीजिए कि एक बार बहकने के बाद सिर्फ पछतावा हाथ आएगा। आपको अपने दृढ़ संकल्प का परिचय देना होगा। यदि आप मरीज के पति को बताते हैं, तो उसका परिवार टूट जाएगा।
हां, आप दृढ़ता से उस महिला को अपने क्लीनिक आने से मना और उसके पति को कहने का डर दे सकते हैं। आप अपनी पत्नी को इस समस्या के बारे में खुलकर बताएं। इससे आपके प्रति आपकी पत्नी का विश्वास और प्यार बढ़ेगा। अपनी पत्नी को उस महिला से मिलने के लिए मनाइए। आपकी पत्नी उस महिला को समझाएगी, तो शायद उसकी समझ में परिवार की अहमियत आ जाए।
परमिंदर (पानीपत, हरियाणा)
रघुवंशी जी, सबसे पहले अपनी समस्या अपनी पत्नी को बताएं और उन्हें अपने विश्वास में लें। फिर पत्नी की मुलाकात उस मरीज से करवाएं। उन्हें अपने खुशहाल वैवाहिक जीवन से अवगत कराएं। दोनों के मिलने पर उस महिला को सही और गलत का अहसास कराएं।
अपनी पत्नी को समझाएं कि मरीज का आपके प्रति सिर्फ आकर्षण है, जो कुछ समय बाद स्वयं समाप्त हो जाएगा। चूंकि आप अपने परिवार से पूरी तरह खुश और संतुष्ट हैं, तो अपनी मर्यादाओं का पालन करें। उस महिला को भी परिवार की कद्र समझाइए। नहीं तो एक दिन अपनी गलतियों से अपने परिवार को गंवा देगी। उम्मीद है, आपकी मरीज ज़रूर समझेगी।
प्रकाश नवले (हरदा, मध्यप्रदेश)
रघुवंशी जी, आपका कहना है, ‘धीरे-धीरे उनकी सीमाएं मेरे प्रति घटती गईं।’ सीमाएं तभी घटी जब आपने उन्हें घटने दिया। आपका भी आपके मरीज़ के प्रति कुछ आकर्षण तो अवश्य है..खैर!
आप इतना तो समझते ही हैं कि विवाहित व्यक्तियों को अपने जीवनसाथी के साथ बेवफाई करने का अधिकार न तो समाज देता है और न ही कानून। कानून स्पष्ट है कि ‘अपनी पत्नी के अतिरिक्त अन्य महिला से शारीरिक सम्बंध रखने वाले व्यक्ति को पांच वर्ष की कैद या जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।’ अभी भी समय है। आप उस महिला को कड़े शब्दों में साफ कह दें कि ‘आपको मुझसे मिलने की ज़रूरत नहीं है।’ थोड़े गुस्से और तर्क पूर्ण ढंग से समझाएंगे, तो जरूर समझ जाएगी।
नई उलझन...
सीमा अग्रवाल
मैं 30 वर्षीय युवती हूं। हम दो बहन-भाई हैं। मेरे भाई छोटे हैं, मेरे माता-पिता का लगाव मुझसे बिलकुल भी नहीं है। मैं अविवाहित हूं और भाई का विवाह हो गया है। उसके दो बच्चे हैं। मेरे माता-पिता व भाई मेरे विवाह की कभी बात नहीं करते। भाभी का व्यवहार घर में सभी के साथ बहुत बुरा है, वो यहां ससुराल में रहना नहीं चाहतीं। भाभी, भाई को घरजमाई बनाकर अपने घर में रखना चाहती हैं।
घर का सारा काम मुझसे कराया जाता है। मैं एमए पास हूं। पहले जॉब करती थी, घर के कामों की ज़िम्मेदारियों के कारण जॉब छोड़ दी। अब मुझे ऐसा लगता है कि अब मैं कभी नौकरी नहीं कर पाऊंगी। मैं घर से बाहर कहीं नहीं जाती, मेरा जीवन पिंजरे में बंद पंछी की तरह हो गया है, जीने की इच्छा समाप्त हो चुकी है। कृपया सही मार्गदर्शन दें।