हरियाली से सराबोर आपका बगीचा
Source: bhaskar News | Last Updated 11:18(13/07/11)
बारिश का नाम लेते ही ठंडी-ठंडी फुहारों, आसपास बिखरी हरियाली और मस्ती में झूमते रंग-बिरंगे फूलों की याद आ जाती है। तो क्यों न बगीचे को भी इस हरे रंग से सराबोर करने की तैयारी कर ली जाए। चाहें तो क्यारियों या गमलों को तरह-तरह के फूलों से भर सकती हैं या अपने लॉन में हरी घास का कालीन बिछा सकती हैं। इसके अलाव आप वृक्ष बनने वाले वानिकी या फलदार पौधे भी लगाकर पर्यावरण को सौगात दे सकती हैं। चलिए जानते हैं, इसके लिए किन बातों का ख्याल रखना Êारूरी होगा.
पौधे बनेंगे वृक्ष
यदि आपका बगीचा बड़ा है, तो आप फलदार पौधे लगा सकती हैं। आम, अमरूद, नीबू, मौसम्बी, बेर, अनार आदि लगाने के लिए यह सबसे उपयुक्त समय है। बगीचे के लिहाÊा से आम की कई किस्मों में आम्रपाली का चुनाव सबसे अच्छा रहेगा। इसी तरह नीबू में कागÊाी, अमरूद में कलमी किस्म के लखनऊ-४९ और मौसम्बी में न्यू सेलर लगाना बेहतर होगा। ख्याल रहे, किसी विश्वसनीय नर्सरी से बडेड या ग्राफ्टेड पौधे ही खरीदें। देसी पौधे फल देने में काफी लम्बा समय लेते हैं, वहीं बडेड व ग्राफ्टेड पौधे एक साल के भीतर ही फल देने लायक हो जाते हैं।
फलदार पौधों को लगाने के लिए गोबर की खाद, रेत और मिट्टी को बराबर अनुपात में मिलाकर बगीचे की मिट्टी तैयार कर लें। फिर २-३ इंच का गड्ढा खोदकर पौधे रोप दें। इस दौरान ध्यान दें कि पौधों का बडिंग या ग्राफ्टेड भाग Êामीन से कम से कम छह इंच ऊपर हो। ये पौधे बड़े होकर अपनी जड़ें विस्तृत करते हैं, इसलिए दो पौधों के बीच कम से कम दस फीट की दूरी रखें। पानी के सही निकास का इंतÊाम करना भी अहम होगा। जब तक पौधा जम न जाए, तब तक किसी भी प्रकार की रसायनिक खाद का इस्तेमाल
न करें।
फलदार पौधों की तरह ही आप वानिकी पौधों के लिए भी अपने बगीचे को तैयार कर सकती हैं। इसके लिए नीम, सतपर्णी, करांज, प्राइड और इंडिया, कचनार, अमलतास आदि विकल्प हैं। इन पौधों के वृक्ष बनने के बाद आपके बगीचे में हमेशा छायादार जगह बनी रहेगी। शुद्ध वायु और वातावरण में इन वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
हरियाली की चादर
खाली Êामीन में घास लगाकर आप बगीचे को बिलकुल नया लुक दे सकती हैं। Êारूरत और पसंद के आधार पर आप कारपेट, कीनिया, अमेरिकन, ग्लू, राजघाट किसी भी किस्ेम की घास का चुनाव करें। बगीचे के जिस भाग में घास लगानी है, वहां लगभग आधी इंच मोटाई की रेत की परत बिछा दें। ध्यान रहे कि घास को पीस में न लगाकर रोपे रूप में लगाना ही सही विधि है। पीस में लगाने से घास के बढ़ने के बाद भी कहीं घनत्व Êयादा तो कहीं कम होगा, जबकि रोपी गई घास समान रूप से फैलती है। इसके अलावा घास के अच्छी तरह फैलने के लिए पानी के निकास की उचित व्यवस्था करना Êारूरी होगा।
रंग-बिरंगे फूल और हरियाली
यदि आपका बगीचा छोटा है, तो आप क्यारियों या गमलों में पौधे लगा सकती हैं। बगीचे में अच्छी धूप आती है, तो सावनिया, बोगनवेलिया, चाइना रोÊा और गुलाब के अनेक किस्मों के पौधे लगा सकती हैं। एक महीने बाद इन पौधों में फूल खिलने लग जाएंगे और करीब छह महीने तक इनके कारण बगीचे में बहार छाई रहेगी।
यदि आपके बगीचे में Êयादा धूप नहीं आती, तो क्रोटन, फाइकस, ड्रेसिना, पाम आदि शो-प्लांट्स गमलों में लगा सकती हैं। इन सभी पौधों की कई किस्में आपको बाÊार में आसानी से मिल जाएंगी।
री-पॉटिंग है Êारूरी
पौधों की लम्बी उम्र और अच्छी तरह से फलने-फूलने के लिए सालभर में एक बार गमलों की मिट्टी बदलने और कटाई-छंठाई करके, नई मिट्टी और खाद के मिश्रण में पौधों को रोपने की Êारूरत होती है। यह प्रक्रिया री-पॉटिंग कहलाती है। और इस काम के लिए भी यह समय सबसे उपयुक्त है।