मुझे इक बोझ के साथ जीना होगा
Source: पूजा सिंह | Last Updated 23:40(28/08/11)
कहते हैं एक कलाकार के जीवन में अगर दुख न हो तो उसकी कला में अपेक्षित धार नहीं आ पाती है। मेरे अब तक के जीवन की कहानी भी सुख और दुख की ऐसी ही धूप-छांव से बनी है। आज इतना सब होने पर भी जीवन में एक तरह का अधूरापन है। एक कमी है जिसकी भरपाई अब संभव नहीं।
रिश्तों के टूटने का दुख वह इंसान अच्छी तरह समझ सकता है जिसने रिश्तों में ईमानदारी बरती हो। शादी के कुछ अरसा बाद मेरा अपनी पत्नी से अलगाव हो गया। हमारा आपसी तालमेल सही नहीं था इसलिए इसके अलावा कोई और रास्ता बचा नहीं था।
लेकिन इसका सबसे बड़ा खामियाजा मेरे बेटे को उठाना पड़ा। उम्र के उस नाजुक दौर में वह मुझसे जुदा हो गया जब एक बेटे को अपने पिता की सबसे अधिक जरूरत होती है।
(जैसा उन्होंने पूजा सिंह को बताया)