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एक मुलाकात सबसे छोटी युवती से

 
Source: शरबानी बैनर्जी   |   Last Updated 20:32(02/01/12)
 
 
 
 
दुनिया की सबसे छोटे कद की महिला होने का खिताब ज्योति आमगे ने हासिल किया है। ये ख़बर तो आप सबको भी मालूम है। लेकिन ज्योति के व्यक्तित्व के और भी रोचक पहलू हैं, जिनको उनसे मुलाकात के दौरान शरबानी बैनर्जी ने जाना। तो फिर चलिए, हम भी ज्योति को करीब से जानें।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में दूसरी बार अपना नाम दर्ज कराने वाली ज्योति आमगे के घर पहुंचने से पहले तक मन में एक अजीब सा कौतुहल था कि ना जाने वो कैसी दिखती होगी, कैसे बात करती होगी वगैरह-वगैरह..। इसी उहापोह के साथ उसके घर का दरवाजा खटखटाया तो एक महिला बाहर आईं। वो ज्योति की मां थीं। उन्हें अपना परिचय दिया, तो बड़े प्यार से अंदर बुलाते हुए उन्होंने बताया कि ज्योति अभी सो रही है।

थोड़ी देर में उठ जाएगी। यह कहते वक़्त उनका इशारा दीवानखाने में ही रखे एक छोटे से बिस्तर की ओर था। थोड़ा गौर से देखने पर ऐसा लगा कि वहां एक गुड़िया रखी हुई है, जिसकी पीठ मेरी ओर है। खैर, ज्योति के उठने के इंतजार में उसकी दोनों बड़ी बहनों से बात करने लगी। बातों ही बातों में उन्होंने बताया कि ज्योति की लंबाई के कारण उसे कई स्कूलवालों ने एडमिशन देने से इंकार कर दिया था। मुख्य कारण था कि स्कूल में ज्योति को विशेष ध्यान की आवश्यकता थी, ताकि उसे किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। बाद में नÊादीक के ही एक स्कूल की टीचर्स ने ये जिम्मेदारी ली और सालों तक बखूबी निभाई भी। इसी वज़ह से ज्योति ने १क्वीं तक की पढ़ाई इत्मीनान से की।

बातचीत का दौर चल ही रहा था कि वो सोई हुई गुड़िया उठकर बैठ गई। देखकर यकीन ही नहीं हो रहा था कि इतनी प्यारी गुड़िया ही दरअसल ज्योति आमगे है। बड़े प्यार से हैलो करने के बाद ज्योति से बातचीत शुरू हुई। जैसे ही मैंने पूछा कि गिनीÊा बुक में नाम दर्ज करने के बाद कैसा लग रहा है, तो तुरंत ही उस नन्ही गुड़िया ने बड़ी समझदारी से जवाब दिया, ‘नहीं दीदी, ये तो मेरा चौथा रिकॉर्ड है, और दूसरा विश्व रिकॉर्ड। सबसे छोटी लम्बाई की लड़की एवं युवती के दो रिकॉर्ड लिम्का बुक में दर्ज हैं और इसी कैटेगरी में दो गिनीज़ बुक में। दूसरा रिकॉर्ड हाल ही में १८ साल पूरा करने पर हासिल किया।’

और हो गया इटली से प्यार

अब तक यूरोप, जापान और इटली की सैर कर चुकी नन्ही ज्योति को सबसे ज्यादा इटली से लगाव है। हालांकि वो जापान ७ बार जा चुकी हैं, लेकिन इटली जैसा कुछ नहीं। ‘मैंने पहली बार पिज़्Êा इटली में ही खाया था और वो मुझसे भी बहुत बड़ा था।’ हंसते हुए ज्योति कहती है। ‘इटली में लोग बहुत प्यार और सम्मान देते हैं। जब मैं पहले रिकॉर्ड की वज़ह से वहां गई थी, तो उन्होंने पूरा देश घुमाया था।’ ज्योति गिनीÊा बुक का कार्यक्रम बतौर गेस्ट ही नहीं, बल्कि बतौर होस्ट भी अटेंड करती हैं। गिनीज बुक के लाइव रियलिटी शोÊा में वो बाकी रिकॉर्डहोल्डर्स के इंटरव्यू लेती हैं। जब मैंने पूछा कि इटैलियन भाषा में बात कैसे करती हो, तो हंसते हुए ज्योति बोली, ‘मैं तो हिंदी में ही बोलती हूं। मेरे कान में ट्रांसमीटर लगा होता है और ट्रांसलेटर मेरे सवाल तुरंत ट्रांसलेट करके सामने वाले तक पहुंचा देते हैं। वैसे मैंने थोड़ी बहुत इटैलियन सीख ली है और अगली ट्रिप में और सीखूंगी।’


बनना चाहती हैं हीरोइन

ज्योति आगे चलकर हीरोइन बनना चाहती हैं, क्योंकि उन्हें ये अपने लिए सबसे उपयुक्त प्रोफेशन लगता है। सन् २क्क्७ में वे मिका के एक एल्बम में काम कर चुकी हैं और एक कन्नड़ फिल्म की शूटिंग भी कर रही हैं। उनसे पूछने पर कि वो बड़े होकर किसकी तरह बनना चाहती हैं, तो उन्होंने एक बड़ी सी मुस्कान के साथ जवाब दिया, ‘मैं बिलकुल अपनी जैसी ही बनना चाहती हूं।’ वैसे उनकी ये भी इच्छा है कि वे जितनी विदेश में मशहूर हैं, उतनी ही अपने देश में भी हों।


जान खतरे में डालना ठीक नहीं

अभी तक विभिन्न रिकॉर्डहोल्डर्स का इंटरव्यू ले चुकी ज्योति को सबसे ज्यादा आश्चर्य ऐसी महिला से मिलकर हुआ, जिसकी बड़ी सी दाढ़ी थी। वो कहती हैं, ‘इंटरव्यू शुरू होने से पहले वो बिलकुल मेरे पास बैठी थी, लेकिन मुझे पता ही नहीं चला कि वो एक महिला है।’ वहीं सबसे ज्यादा अजीब उन्हें उस महिला से मिलकर लगा जिसने रिकॉर्ड के लिए अपने पूरे शरीर में पियर्सिग करा रखी थी। ‘यूं तो विश्व रिकॉर्ड बनाना सबका अधिकार है, लेकिन मुझे लगता है कि जान खतरे में डालकर रिकॉर्ड बनाना सही नहीं है। रिकॉर्ड बनाने के लिए कुछ रचनात्मक और अलग भी किया जा सकता है।’

कपड़ों और एक्सेसरीÊा से बेहद प्यार

ज्योति बताती है, ‘मुझे सबसे ज्यादा ड्रेसेÊा का शौक है और तैयार होना मुझे अच्छा लगता है। वैसे तो मैं ख़ुद ही तैयार होती हूं, लेकिन बाल बहुत बड़े हैं, इसलिए मम्मी या दीदी चोटी करके देती हैं।’ फैंसी ड्रेस की शौकीन ज्योति को जींस सबसे ज्यादा पसंद है, लेकिन उन्हें अपने नाप की नहीं मिलती। एक बार एक शोरूम के गुड्डे ने जो जींस पहनी थी, ज्योति Êिाद करके वो जींस लेकर आई थी। वही इकलौती जींस उसके पास है।


पढ़ें और आगे बढ़ें

नए साल के मौके पर बच्चों को ढेर सारी शुभकामनाएं देने के साथ-साथ ज्योति कहती हैं कि बच्चों को खूब मन लगाकर पढ़ना चाहिए और अपने अंदर के हुनर को पहचानकर उसे विकसित करना चाहिए। वे कहती हैं, ‘लोग मुझ पर भी हंसते थे, मेरा मज़ाक उड़ाते थे, लेकिन आज वही मेरी उपलब्धियों के बाद चुप हो गए हैं। सबमें कोई न कोई हुनर होता है, उसे पहचानने की जरूरत है बस।’



‘खुद पर भरोसा रखकर मंजिल की ओर बढ़ो, पहचान खुद-ब-खुद बन जाएगी’
- ज्योति आमगे

सभी फोटो- ममता जोगी
 
 
 
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