छोटू का बड़ा रिकॉर्ड..
dainik bhaskar.com
| Aug 17, 2012, 12:38PM IST

साधारण स्केटिंग में एक ट्रैक पर करतब किया जाता है। कुछ बच्चे इसे सड़क पर भी करते हैं। पर लिम्बो स्केटिंग में आपको स्केट्स पहन कर एक ऑब्जेक्ट का चयन करना होता है। यह ऑब्जेक्ट कोई कार, बस, गाड़ी कुछ भी हो सकता है। पर इनकी संख्या करतब करने वाले पर निर्भर करती है। इसे करने की एक शर्त होती है, वो यह है कि स्केटर वाहनों के नीचे से गुजरेगा लेकिन उसका शरीर जमीन को नहीं छूना चाहिए। इसे करने के लिए खिलाड़ी अपने शरीर को पूरी तरह से फैला देता है, जिसे कहते है- एक पूरा स्प्लिट!
पहले रिकॉर्ड की कहानी
17 फरवरी 2011 के दिन रोहन ने मुम्बई के जुहू एअरोड्रम पर अपना करतब दिखाया। रोहन ने 20 कारों का लक्ष्य बनाया। इन कारों के नीचे से ये लिम्बो स्केटिंग करते हुए निकले। तो लोगों के मुंह खुले के खुले रह गए। इस आश्चर्य की खास वजह यह थी कि जमीन और कार के बीच की दूरी महज 38.68 मीटर (126 फीट, 11 इंच) थी।
इसके बाद रोहन हांग-कांग में आयोजित प्रतियोगिता Rबियॉन्ड द बॉडी लिमिटञ्ज में प्रतिभागी बनें, जिसका आयोजन लंदन ओलिम्पिकञ्ज द्वारा करवाया गया था।
इस बार रोहन का लक्ष्य किसी वाहन के नीचे से नहीं बल्कि खम्बों(रॉड्स) के नीचे से निकलना। ज़मीन से इन खम्बों की ऊंचाई महज़ 6.75 इंच की थी। अपने इस नए लक्ष्य को रोहन ने बड़ी कुशलता से अंजाम दिया।
रोहन का नाम अब Rगिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डञ्ज में शामिल है। यह कारनामा कर रोहन ने सबको कुछ नया करने के लिए तो प्रेरित किया ही, साथ ही साथ सारे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
रोहन अजित कोकणो
रोहन अजित कोकणो को अब देश ही नहीं दुनिया में भी लिम्बो स्केटर के रूप में जाना जाता है। महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा पर स्थित बैलगांव के रहने वाले रोहन महज़ ग्यारह वर्ष के ही हैं।






