समझदार तूफान!!!
dainikbhaskar.com
| Oct 12, 2012, 09:56AM IST

हैरी को एक टट्टू दिया गया था, जिसका नाम था तूफान। तूफान वर्षो से खान में काम कर रहा था। फिर भी वह स्वस्थ था। वह हर शब्द का अर्थ समझता था। वह सामान लाने और ले जाने के फेरे तक गिन लेता था।
यदि काम की पारी समाप्त होने पर उससे पूछा जाता कि, ‘तूफान कितने फेरे किए?’ तो वह अपने खुरों को जमीन पर मारकर बता देता। उसकी गिनती कभी गलत नहीं हुई। इस बात से हैरी हमेशा खुश रहते और तूफान को प्यार भी बहुत करते।
एक बार हैरी तूफान के साथ खान पर जा रहे थे। रास्ता ऐसे स्थान से होकर जाता था, जहां पहले Êामीन के नीचे खान थी। वह खान गिर पड़ी थी, इसलिए रास्ता उसके बीच से होकर जाता था। रास्ते के दोनों ओर बीस-तीस फीट ऊंची दीवारें थीं, जो बड़ी डरावनी थीं। जब भी हैरी लाडर उस स्थान पर पहुंचते थे, उन्हें बहुत ही डर लगने लगता था। यह बात तूफान जान गया था। इसलिए जब भी उस डरावने रास्ते पर आता, वो अपनी गति बढ़ा देता और वे दोनों शीघ्र ही रास्ता पार कर लेते।
एक दिन जब हैरी और तूफान उस स्थान पर पहुंचे तो तूफान टट्टू ने आगे बढ़ने से इंकार कर दिया। हैरी ने उसे आगे बढ़ाने के लिए काफी कोशिशें की, पर सब नाकाम ही हुईं। उन्होंने तूफान से पूछा, ‘आगे क्यों नहीं बढ़ते तुम?’ जैसे ही उनका प्रश्न खत्म हुआ, एक जोरदार धमाका हुआ। उस धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि खान में काम करने वाले मजदूरों के कान के पर्दे ही फट गए। उस धमाके को सुनकर हैरी एकदम से डर गए। उन्होंने देखा कि दीवारें टूट कर गिर गईं। टट्टू तूफान तुरंत मुड़ गया। उसके मुड़ने से गाड़ी का पहिया पटरी से उतर गया। वह तुरन्त गाड़ी को सुरक्षित गुफा में ले गया। उसके कुछ देर बाद ही लगभग 500 टन का मलबा घोर गर्जन के साथ उस स्थान पर गिरा, जहां हैरी लाडर गाड़ी पर तूफान के साथ खड़े थे। इस तरह उस ज्योतिष टट्टू ने अपने मालिक की जान बचा ली। उसके संचेतन कानों ने उस चेतावनी को पहले ही सुन लिया था, जिसे उसका मालिक सुन ही नहीं पाया था। वह जानता था कि उसे क्या करना चाहिए था और उसने वैस ही किया।








