सहृदयता दर्शाने में कभी भी देर न करें
एन. रघुरामन
| Apr 27, 2012, 10:27AM IST

आखिर वह दिन आ गया। पार्टी में यश काफी रोमांचित था और उसने सन्नी को जबरदस्ती सोफे पर बैठाया (जिस पर वह पहले कभी नहीं बैठी थी), केक पर मोमबत्तियां जलवार्ईं और सन्नी से केक भी कटवाया। यश ने केक का पहला टुकड़ा सन्नी को खुद खाने पर जोर दिया। ऐसा भी सन्नी के साथ पहले कभी नहीं हुआ था। उसके बाद सन्नी ने गिफ्ट्स खोलने शुरू किए। यह देखकर सन्नी के झुर्रीदार चेहरे पर बड़ी-सी मुस्कान तैर गई। इसके बाद यश ने सन्नी के करीब आकर उसके गले में बांहें डालते हुए उसे चूम लिया और अपनी बड़ी-बड़ी मासूम भूरी आंखों से उसकी आंखों में झांकते हुए कहा- 'आई लव यू, सन्नी'। यही वह लम्हा था, जब सन्नी की आंखों से झर-झर आंसू बहने लगे, जिन्हें उसने तुरंत अपनी साड़ी के पल्लू से पोंछ लिया। यह देख यश ने उससे कहा- अब आपको मुझसे कहना चाहिए 'आई लव यू टू'। सन्नी ने स्नेह भरी नजरों से यश की ओर देखते हुए उसके द्वारा कही गई बात दोहरा दी। उसके बाद हर रात को सोने से पहले यश सन्नी के पास जाकर उसके गले में बांहें डालते हुए 'किस' करता और उनके बीच 'आई लव यू' का आदान-प्रदान होता। धीरे-धीरे यश के वापस अमेरिका जाने का वक्त आ गया। अपने नाना-नानी से विदा लेते वक्त यश ने उनसे वादा लिया वे हर साल सन्नी का बर्थ-डे मनाएंगे। हालांकि उसके दो साल बाद सन्नी को गर्भाशय का कैंसर हो गया। एक दिन अचानक संजोति को फोन पर सूचना मिली कि सन्नी यश से बात करना चाहती है। संजोति तुरंत यश को स्कूल से लेकर आई और फोन पर उसकी सन्नी से बात करवाई। सन्नी ने फोन पर कराहते हुए कहा, 'आई लव यू, यशी'। यश ने भी जवाब में 'आई लव यू टू' कहा। उसके कुछ समय बाद ही सन्नी की मौत हो गई।
एक बालक द्वारा उस अकेली, बुजुर्ग महिला के प्रति दर्शाई गई जरा-सी सहृदयता ने उसे इतना खुश कर दिया कि इसकी यादें उसके दिल में हमेशा के लिए कायम रहीं। यह देखकर भी अच्छा लगा कि संजोति ने यश को उसी वक्त वह बर्थ-डे पार्टी आयोजित करने की इजाजत दे दी क्योंकि यदि इसे टाल दिया जाता तो शायद उसे यह मौका दोबारा नहीं मिलता।
मैनेजमेंट फंडा एन. रघुरामन
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यदि आप किसी के प्रति अपनी सहृदयता प्रदर्शित करना चाहते हैं, तो तुरंत ऐसा करें। इसके लिए किसी खास मौके का इंतजार न करें। क्या पता आगे चलकर फिर यह मौका मिले या न मिले?





