ग्रामीण घरों में बदल रहे हैं शक्ति केंद्र
एन. रघुरामन
| May 31, 2012, 11:44AM IST

विजया लांगे (३५) टेलरिंग का काम करती है। सुनीता बुहारे और मंदा पांसे साथ मिलकर बर्तन बेचती हैं। तोलन विरकार पहले वड़ा पाव बेचती थी, फिर उसने गधों की खरीदफरोख्त का काम किया और अब वह दूसरी लड़कियों के साथ मिलकर सिलार्ई का काम सीख रही है। इनमें से कुछ दूध बेचती हैं, कुछ सब्जियां बेचती हैं, तो कुछ बुनकर हैं। रचना रसल एक नकली आभूषणों की दुकान चलाती है। ऐसी १,४०,३६० महिलाएं हैं, जो इस तरह के छोटे-मोटे रोजगार करती हैं। मण देसाई महिला सहकारी बैंक ने छह लाख रुपए की शुरुआती पूंजी के साथ अपना कामकाज महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित म्हासवाड से शुरू किया। आज इसकी पूंजी सवा दो करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है और इसका कारोबार सतारा जिले के अलावा सांगली, रायगढ़, रत्नागिरि, पुणे और कोल्हापुर जैसे जिलों तक फैल गया है। इस बैंक में कर्ज अदायगी की दर ९८ फीसदी है।
आर्थिक रूप से सक्षम ये महिलाएं इन जिलों में फैमिली डायनामिक्स को बदल रही हैं। यद्यपि महिलाएं तमाम क्षेत्रों में काम करते हुए अपने पतियों की मदद करती रहती थीं, लेकिन वित्तीय मामलों में वे कभी नहीं बोलती थीं। धीरे-धीरे ये महिलाएं न सिर्फ परिवार में, बल्कि समाज में नया पावर सेंटर बनती जा रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अब अपना उत्पाद बेचने आए सेल्सकर्मियों को इन महिलाओं से ही निपटना पड़ता है। वे उनका काम पूरा होने तक इंतजार करते हैं और उन्हें स्टोव, बर्तन, कपड़े, खाना पकाने का कच्चा माल इत्यादि बेचने की कोशिश करते हैं।
अब सतारा में कहानी ने एक नया मोड़ लिया है। स्विट्जरलैंड और जर्मनी से आए एंथ्रोपोलॉजी के कुछ विद्यार्थी फरवरी से यहां डेरा डाले हुए हैं और इन महिलाओं की सफलता की गाथा को समझने की कोशिश कर रहे हैं। स्विट्जरलैंड की केरॉल वेगनर(२४), मुंबई की चेतना राठौर(२३) और जर्मनी के क्रिस्टोफर रियुस(२४) तथा दिना युनुस (२५) महिला बैंकों पर अपने डॉक्टरेट प्रोग्राम के लिए इस तरह की गाथाओं को रिकॉर्ड कर रहे हैं।
मैनेजमेंट फंडा एन. रघुरामन
फंडा यह है कि... raghu@bhaskarnet.com
अगली बार आप ग्रामीण बाजार में कोई चीज बेचने जाएं, तो आपको पता होना चाहिए कि किससे बात करनी है। आपका वास्ता ग्रामीण महिलाओं से पड़ेगा क्योंकि उन्होंने वित्तीय प्रबंधन का जिम्मा अपने हाथ में ले लिया है। उन्हें देखकर लगता है कि ग्रामीण घरों में शक्ति केंद्र बदल रहा है।





