जरूरी है कि सही दरवाजा खटखटाएं
N.raghuraman
| Sep 04, 2012, 09:58AM IST

इसकी प्रमुख वजह यह है कि ये जब्त की गई बाइक होती हैं, जिन्हें तस्करी के जरिए देश में लाया जाता है। नीलामी में भाग लेने वाले शख्स को बतौर रजिस्ट्रेशन पांच हजार रुपए जमा करने होते हैं। वह नीलामी प्रक्रिया से पहले बाइक का निरीक्षण कर सकता है। अगर नीलामी उसके नाम रहती है, तो तीन दिन में उसे तय कीमत की 25 फीसदी रकम अदा करनी होती है। शेष रकम के लिए उसे पांच दिन दिए जाते हैं। चूंकि भारी-भरकम आयात शुल्क के कारण युवा इन्हें बाजार से नहीं खरीद सकते, ऐसे में नीलामी उनके लिए सुपरबाइक से जुड़ा अपना ख्वाब पूरा करने का जरिया बनती है।
अब एक और प्रश्न पर गौर फरमाएं। बगैर कैपिटेशन और डोनेशन फीस आप कहां एमबीबीएस में प्रवेश ले सकते हैं? किसी निजी कॉलेज से एमबीबीएस करने पर औसतन 75 लाख रुपए तक खर्च आता है। लेकिन चीन में सस्ते और गुणवत्ता प्रधान एमबीबीएस कोर्स उपलब्ध हैं। वहां डॉक्टरी की पढ़ाई करने पर एक भारतीय छात्र को औसतन 15 से 25 लाख रुपए ही खर्च करने होते हैं। इसमें खाने और रहने का खर्च भी शामिल है। ह्युबी प्रांत में स्थित विभिन्न मेडिकल यूनिवर्सिटीज में फिलवक्त एक हजार भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। चीन सरकार द्वारा संचालित इन मेडिकल कॉलेजों में पढऩे वाले ज्यादातर छात्र उत्तर व दक्षिण भारत के हैं। यहां चीनी और विदेशी छात्रों के लिए अलग-अलग बैच चलाए जाते हैं। अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होने से विदेशी छात्रों को भाषागत समस्या नहीं आती। इसके अलावा उन्हें एक अतिरिक्त भाषा चीनी भी सीखने को मिल जाती है। ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बाद मेडिकल की पढ़ाई के लिहाज से चीन चौथा बड़ा केंद्र है।
ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में मेडिकल की पढ़ाई का खर्च एक करोड़ रुपए के आसपास आता है, जबकि चीन में इसकी बीस फीसदी रकम खर्च करने से ही मेडिकल की डिग्री मिल जाती है। मेडिकल की पढ़ाई के लिए इसके अलावा अन्य सस्ते देश जॉर्जिया, यूक्रेन, उज्बेकिस्तान, अजरबैजान और फिलीपींस हैं। यहां मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत में प्रैक्टिस करने के इच्छुक युवाओं को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा संचालित मेडिकल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन द्वारा आहूत स्क्रीनिंग परीक्षा भर पास करनी होती है। 2008 से जॉर्जिया के बाद मेडिकल की पढ़ाई के लिए चीन भारतीय छात्रों के लिए पसंदीदा केंद्र बनकर उभरा है।






