शिष्टाचार जिंदगी भी बदल सकता है
N.Raghuraman
| Sep 14, 2012, 10:24AM IST

यह सुनते ही दंपति के ओंठों पर राहत भरी मुस्कान तैर गई। उन्होंने जॉर्ज को कुछ धन देना चाहा, जिसे उसने विनम्रता के साथ लेने से मना कर दिया। अगली सुबह जॉर्ज ने उन्हें चाय संग हल्का-फुल्का नाश्ता पेश किया। आराम से रात काटने के कारण दंपति ताजादम लग रहे थे। उन्होंने इसके लिए जॉर्ज को बारंबार धन्यवाद देते हुए कहा कि उसके जैसे सज्जन व्यक्ति को तो होटल का बॉस होना चाहिए। यही नहीं, उन्होंने यहां तक कह दिया कि एक दिन वे जॉर्ज के लिए खासतौर पर होटल का निर्माण करेंगे। वे जॉर्ज के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। जॉर्ज ने इसे महज तारीफ और कृतज्ञता के दो मीठे बोल के तौर पर लिया। बात आई-गई हो गई। जॉर्ज इस प्रकरण को भूल चुका था कि लगभग दो सालों बाद उसे उस दंपति की तरफ से एक निमंत्रण पत्र मिला, जिसमें जॉर्ज से दंपति की मेजबानी कुबूल करने का निवेदन किया गया था। पत्र के साथ न्यूयॉर्क आने-जाने का हवाई टिकट भी था। जॉर्ज नियत तारीख को न्यूयॉर्क पहुंचा। दंपति ने उसकी दिल खोलकर खातिरदारी की। अगली सुबह वे जॉर्ज को लेकर न्यूयॉर्क के सबसे महंगे इलाके में गए और एक आलीशान इमारत की तरफ इशारा करते हुए बोले, 'इस होटल का निर्माण हमने तुम्हें ध्यान में रखते हुए किया है। अब इस होटल के संचालन की जिम्मेदारी तुम्हें ही संभालनी है।' जॉर्ज ने इसे मजाक के तौर पर लिया और हंस पड़ा। इस पर वह सज्जन गंभीरता के साथ बोले, 'मैंने इस होटल को अपने परिवार के पुश्तैनी नाम के अनुरूप 'वैल्ड्रॉफ एस्टोरिया' नाम दिया है।' वास्तव में उन सज्जन का नाम विलियम वैल्ड्रॉफ एस्टर था, जो अमेरिका के एक बेहद रईस परिवार के वारिस थे। इस तरह जॉर्ज सी बोल्ट अपने समय के सबसे महंगे होटल के पहले मैनेजर के तौर पर नियुक्त हुआ। आज भी इस शृंखला के होटल दुनियाभर में प्रतिष्ठित हैं और इसकी सेवा गुणवत्ता प्रधान मानी जाती है। होटल के संचालन की जिम्मेदारी संभालने के बाद जॉर्ज ने शिष्टता और विनम्रता से पेश आने के गुण को अपने समेत पूरे होटल स्टाफ के लिए पहला नियम बना दिया। इसी गुण के कारण जॉर्ज ने एक रात उस दंपति की मदद की थी, जिसके एवज में उसकी जिंदगी ही बदल गई।








