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साफ-सुथरा क्रेडिट रिकॉर्ड है स्मार्ट जीवन की बुनियाद

n.raghuraman | Dec 28, 2012, 11:55AM IST
साफ-सुथरा क्रेडिट रिकॉर्ड है स्मार्ट जीवन की बुनियाद
इस क्रिसमस वीक के दौरान एचडीएफसी बैंक के तीन शीर्ष अधिकारियों परेश सुखथनकर, आदित्य पुरी और हरीश इंजीनियर को बैंक के एक युवा ग्राहक की ओर से एक ई-मेल मिला, जिसमें उसने अपने लोन केस की समुचित जांच करवाने की मांग की थी। भावुक अंदाज में लिखे गए इस मेल में उसने कहा, 'महीनों तक अपने कर्मचारियों का वेतन न चुकाने वाले किंगफिशर के विजय माल्या को अनेक मौके मिलते हैं। तो फिर आपका बैंक मेरी कर्ज पात्रता को दुरुस्त करने के लिए मेरे खाते को एक बार फिर से क्यों नहीं देखता?' ई-मेल का अंत इस पंचलाइन के साथ किया गया था कि 'सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं एक आम आदमी हूं?' 
 
कुछ साल पहले सुनील पारेख (नाम परिवर्तित) ने एचडीएफसी से कर्ज लिया था और किश्तों की अदायगी के लिए बैंक को ३६ पोस्टडेटेड चेक दिए थे। कुछ दिनों के बाद सुनील ने दूसरी नौकरी ज्वाइन कर ली, जिससे उसका सेलरी एकाउंट दूसरे बैंक में पहुंच गया। दूसरी ओर इस बात से अनजान एचडीएफसी बैंक उसके पोस्टडेटेड चेकों को जमा करता रहा, जो खाते में रकम की कमी की वजह से बाउंस होते रहे। बैंक के कलेक्शन एजेंट्स सुनील के घर आए और सुनील ने उन्हें भुगतान करते हुए उनसे निवेदन किया कि वे अबसे पुराने चेकों के बदले नए चेकों को लगाएं। इस प्रक्रिया में सुनील के कई चेक बाउंस हो गए और उसे उनके एवज में ब्याज समेत रकम चुकानी पड़ी। सुनील का बैंक को धोखा देने का कोई इरादा नहीं था और उसने तमाम बकाया धनराशियों का ब्याज और जुर्माने के साथ भुगतान कर दिया। 
 
सुनील को लगा कि बात खत्म हो गई है। उसने खुद से वादा किया कि वह अब कभी कर्ज लेकर इस तरह के वित्तीय गड़बड़झाले में नहीं उलझेगा, क्योंकि इसके चलते उसे काफी मानसिक परेशानी उठानी पड़ी थी। कलेक्शन एजेंट्स कभी भी उसके घर में आ धमकते और उसके माता-पिता के सामने उसकी सारी सच्चाई उगल देते। 
 
बहरहाल, सुनील ने अपने जीवन में आगे और भी नौकरियां बदलीं और कॅरियर में खूब तरक्की की। एक बार उसका किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में अमेरिका के बोस्टन जाना हुआ, जहां उसे एक अमेरिकी लड़की से प्यार हो गया। सुनील उस लड़की को अपने माता-पिता से मिलवाने के लिए भारत लेकर आया। तीन-चार दिन यहां रुकने के बाद वह लड़की थोड़ा नर्वस हो गई और उसने सुनील के माता-पिता से कहा कि वह सुनील से शादी नहीं कर सकती, क्योंकि बैंकिंग सर्किल में सुनील की कर्ज लेने की पात्रता बेहद खराब है। सुनील के 29 चेक बाउंस होने का रिकॉर्ड है और उसके पर्सनल लोन संबंधी दो आवेदन भी निरस्त किए जा चुके हैं। 
 
सुनील के माता-पिता को उसकी बातें सुन कुछ साल पहले का वह दौर याद आ गया, जब कलेक्शन एजेंट्स बार-बार उनके घर आते थे। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि वे एजेंट्स किस बैंक के थे और सुनील ने किस वजह से कर्ज लिया था। सुनील ने अपने माता-पिता व गर्लफ्रेंड को बार-बार समझाने की कोशिश की कि उसकी मंशा कभी किसी को धोखा देने की नहीं रही और यह तो बैंक की गलती थी, जो उसने किसी और बैंक के पोस्टडेटेट चेक नहीं लिए। 
 
लेकिन सुनील की गर्लफ्रेंड पर इन सब बातों का कोई असर नहीं पड़ा और वह यह कहते हुए अमेरिका वापस चली गई कि अपना पूरा जीवन किसी ऐसे शख्स के साथ नहीं गुजार सकती, जिसका वित्तीय प्रबंधन इतना खराब है।इस बात से खफा व परेशान सुनील एक और बैंक के पास गया तथा पर्सनल लोन के लिए आवेदन दिया। क्रिसमस से पहले उस बैंक ने भी इसी कारण का हवाला देते हुए उसका आवेदन खारिज कर दिया। इसी वजह से सुनील ने अपने पहले वाले बैंक (एचडीएफसी) को लिखा कि वे उसके केस को फिर से देखें और उसकी कर्ज पात्रता को दुरुस्त करें। 
 
युवा अमेरिकियों के मुताबिक आपका खराब के्रडिट स्कोर यौन संचारित बीमारियों की तरह है। वास्तव में वे क्रिसमस या नए साल के दौरान डायमंड ज्वेलरी को नहीं खोजते, बल्कि युवा लड़के-लड़कियां साफ-सुथरे के्रडिट स्कोर में ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं। फिलहाल creditscoredating.com जैसी कई ऑनलाइन डेटिंग वेबसाइट्स इन युवाओं को अपने संभावित जोड़ीदार के क्रेडिट कार्ड नंबर या बैंक खाते की डिटेल्स मुहैया कराने पर उसकी क्रेडिट रेटिंग देखने में मदद कर रही हैं। 
 
 
 
 
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