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इस दिवाली में आपकी रोशनी!

dainikbhaskar.com | Nov 09, 2012, 15:51PM IST
इस दिवाली में आपकी रोशनी!
दिवाली  का नाम सुनते ही सबसे पहले  क्या उभरता है?..खूब सारी रोशनी, कतार में लगे दिए, सजा हुआ घर, नए कपड़े और मिठाइयों के साथ पटाखे। सही कहा न। 
 
पर इस दिवाली आप अपने घर का सजाने-संवारने में थोड़ी मदद करके देखिए। बड़ा अच्छा महसूस करेंगे। फिर से सोचने लगे, हम और काम? कैसे?..अरे भई! आइए हम आपको बताते हैं कि कैसे आप अपने घर को अपने हिसाब से सजा-संवार सकते हैं और सबकी तारीफ भी हासिल कर सकते हैं।
दिवाली की खरीदारी
 
दिवाली की तैयारी में सबसे अहम है खरीदारी। अगर आपके पास समय है तो खरीदारी के लिए मम्मी-पापा के साथ बैठकर लिस्ट बनाइए। कई बार छोटी-छोटी चीÊों छूट जाती हें। फिर उन्हें खरीदने के लिए बार-बार बाÊार के चक्कर काटने पड़ते हैं। आप Êारूरी चीÊाों की लिस्ट बना लीजिए। खरीदारी होने के बाद उस लिस्ट से मिला लीजिए। हो गई न सारी खरीदारी।
 
डेकोरेशन में मदद
 
खरीदारी तो हो गई, अब बारी है अपने घर को सजाने की। घर में लगे पुराने पर्दे और बिस्तर पर बिछी चादरों को बदल डालिए। पर्दो को आप मिक्स एंड मैच करके कुछ डिफरेंट लुक दे सकते हैं। अब सोफा कवर को बदल लीजिए। इस पर लगे कुशन्स को भी मिक्स एंड मैच करके एक नया लुक दे सकते हैं। घर को सजाने के लिए रंगीन कागÊाों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इनसे सुंदर से कंदील भी बनाए जा सकते हैं। इन रंग-बिरंगी कंदीलों से देखिए घर में नई आभा जगमगाइए। यह सब कर के आनंद आया न।
 
बेहतर हैं आप
 
क्या हुआ दोस्तो, समझ गए हम। आप सोच रहे होंगे कि यह सब कुछ तो हर साल मम्मी-पापा करते ही हैं, फिर हम क्यों यह सब करें। इसके पीछे एक अहम वजह है। यह है ऊर्जा का त्योहार, और आपमें है असीम ऊर्जा। इसे आप कई रूपों में बांट सकते हैं:-
उत्साह की ऊर्जा- उत्साह में या तारीफ पाने की लालसा में थकान हमें छूती ही नहीं है। आप घंटों खेलते हैं फिर भी कहां थकते हैं। तो फिर अपने घर को पूरे उत्साह और ऊर्जा से सजा-संवार लीजिए।
 
रचनात्मकता की ऊर्जा- नई सोच की ऊर्जा भी तो है आपके भीतर। इससे अपने घर को एक अलग रूप दे सकते हैं। घर एक खास ढंग से व्यवस्थित था, पर इसमें अपनी रचनात्मकता का रंग डालकर और भी सजीला कर दिया न। वही घर एक अलग कलेवर में है आपके सामने।
 
नई सोच की ऊर्जा- चूंकि आप छोटे हो, और इस दौर में काफी कुछ सीख रहे हो। आपके पास नए की भरमार होगी। अपने इन नए सुझावों को सबसे साझा कीजिए। फिर देखिए कितना मÊा आएगा।
यह सब है आपके भीतर। तभी तो आप हैं सबसे बेहतर। 
 
दिवाली के दिन की तैयारी
 
दिवाली के दिन दिए और फिर बंदनवार सब लगाया जाता है। इन्हें हर साल मम्मी बनाती हैं न। तो क्यों न इस बार आप ही बनाएं। आप अपने हिसाब से  फूलों का चयन कीजिए, वहीं पत्तियों को या तो पूरा या फिर आप उन्हें पान की तरह मोड़ कर भी एक नई तरह का तोरण बना सकते हैं। इसे घर के द्वार पर टांगिए।
 
द्वार पर शुभ चिन्ह या रंगोली बनाने की बड़ी पुरानी प्रथा है। इसमें भी आप हाथ आÊामा सकते हैं। अरे भई! रंगों से न सही, पर फूलों से तो अपनी रचनात्मकता दिखाई ही जा सकती है। कई तरह के रंगों के फूल मिल जाते हैं। इनके इस्तेमाल से एक सुंदर सी रंगोली बनाई जा सकती है। फूलों की रंगोली के डिÊाइंस आसानी से मिल देखने को मिल जाती हैं। 
 
अब बारी है दियां की। मम्मी बाÊार से लाई दियों को पानी में भिगोती हैं, इसका कारण आज तक नहीं समझ आया न आपको। दरअसल, पानी में भिगोने से दिए तेल को कम सोखते हैं। आप चाहे तो  से लाए दियो को भिगो दें, फिर निथारकर उन्हें सुखा लें। इन्हें सजाया भी जा सकता है। चाहे तो विभिन्न रंगों से इन्हें सजा सकते हैं। अब भीगी हुई बत्तियों को इनमें डालिए, फिर तेल भरिए। इतना कर देने से मम्मी की बहुत मदद हो गई। अब जब मम्मी पूजा करने लगे और इन दियों को जला दें, तब बाहर ले जाकर इनसे सजावट कर दीजिए। कतार अपनी तरह लगाइए।
 
मस्ती की प्लानिंग
 
उफ! इतना सब करने के बाद अब थोड़ी मस्ती तो बनती है न। पटाखे जलाने की भी थोड़ी तैयारी कर लेनी चाहिए। सबसे पहले एक स्थान निर्धारित कीजिए, जहां सभी दोस्त जमा हों और पटाखे, माचिस या अगरबत्ती और पानी की बाल्टी भी रख लीजिए। साथ ही किसी बड़े की बैठने की व्यवस्था भी कर लीजिए। पटाखे जलाइए, पर ध्यान रखे कम धुएं और कम आवाÊा वाले हों। आपकी मेहनत की दिवाली पिछले साल से बेहतर रही न!
 
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