लग्जरी से कम नहीं साधारण जीवन
dainik bhaskar.com
| Sep 03, 2012, 09:34AM IST

उदाहरण के लिए अगर आप एक समय में एक ही काम को अंजाम दें, तो आपको पता रहेगा कि उस काम को आपने कितना समय दिया है। लेकिन अगर आप एक साथ कई कामों को अंजाम देंगे, तो समय के बारे में आपकी राय बदल जाएगी। एक साथ कई काम करते हुए आप सभी को थोड़ा-थोड़ा ध्यान देने की कोशिश करेंगे। इस फेर में समय कब बीत जाएगा, पता ही नहीं चलेगा। इसके अलावा क्या आपने गौर किया है कि अक्सर हम ऐसी चीजें खरीद लेते हैं, जिसकी हमें जरूरत भी नहीं होती? अक्सर ये चीजें दूसरों को दिखाने की खातिर खरीदी जाती है। इससे क्या नहीं लगता है कि हम किस तरह से अव्यवस्थित जिंदगी जी रहे हैं? वास्तव में हम सभी के पास दिनभर में 24 घंटे ही होते हैं। इस समयावधि में आप कैसे बगैर तनाव या कुंठित हुए अपने सारे काम निपटा सकते हैं? इसका जवाब निहित है 'कम ही ज्यादा' रूपी सिद्धांत में।
गौर करें कि एक बार में आप एक ही समय के लिए पर्याप्त भोजन कर सकते हैं। इसे समझते हुए जो काम हाथ में है, सिर्फ उस पर ही ध्यान केंद्रित करें। साठ के दशक का सूत्र वाक्य 'बी हेयर नाउ' में यकीन करें। इसके बाद आप खाना खाते समय एक-एक निवाले का लुत्फ ले सकेंगे। इसी तरह टीवी देखते हुए भरपूर मनोरंजन कर सकेंगे। अपने को भावनात्मक और आर्थिक स्तर पर सुदृढ़ बनाएं, ताकि महज दिखावटी चीजें आपको ललचा न सकें। ऐसी चीजों के प्रति अनुराग से ही समय और ध्यान बंटता है। इस कारण ही हम किसी एक काम पर पूरा ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं। आज के दौर में हमारा ध्यान भटकाने वाली चीजों की कोई कमी नहीं है। यही वजह है कि हम कुछ सेकंड भी किसी एक चीज पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। इसका सीधा-सरल उपाय है, वर्तमान को ही भरपूर ढंग से जिएं।






