परफ्यूम की खुशबूदार दुनिया

हम में से ज्यादातर लोग दिन भर महकने की ख्वाहिश में परफ्यूम, डियोड्रेंट या इत्र का इस्तेमाल करते हैं। बाजार में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग परफ्यूम मिल जाएंगे और कीमत के मामले में भी सस्ते से लेकर महंगे तक, सभी तरह के विकल्प मौजूद हैं। आइए नजर डालें परफ्यूम के लंबे-चौड़े इतिहास, लेडीज-जेंटलमैन को पसंद आने वाली अलग-अलग महक और खुशबू के महंगे कारोबार पर:
क्या है परफ्यूम
खुशबूदार तेल या दूसरी सामग्री, अल्कोहल और अलग-अलग रसायनों के मिश्रण को परफ्यूम कहा जाता है, जो मानवों, जानवरों, दूसरे सामान और लिविंग स्पेस को महकाने का काम करता है। जिन कम्पाउंड से परफ्यूम बनाया जाता है, वे सिंथेटिकली तैयार किए जाते हैं या पेड़-पौधों एवं दूसरे स्रोतों से मिलते हैं।
चरक संहिता में जिक्र
भारत में भी परफ्यूम और परफ्यूमरी का इतिहास पुराना है और
यहां की ज्यादातर फ्रेग्रेंस अगरबत्ती आधारित रही हैं। हिंदू आयुर्वेदिक शोध चरक संहिता और हर्षचरिता में इत्र और अगरवुड (ऊद) ऑयल का जिक्र मिलता है।
महिलाओं और पुरुषों के कोलोन में क्या फर्क है?
लेडीज परफ्यूम आम तौर पर फूलों की खुशबू से बनाया जाता है और इसमें फ्लोरल अंडरटोन रहती है।
इनमें अल्कोहोलिक और इत्र परफ्यूम शामिल हैं, जिनकी हिस्सेदारी 50-50 फीसदी है। अल्कोहोलिक परफ्यूम में एक-तिहाई असंगठित बाजार की हिस्सेदारी है, जबकि शेष आयात किया जाता है।
दूसरी ओर पुरुषों को पसंद आने वाले कोलोन अल्कोहल आधारित होते हैं और इनकी खुशबू ज्यादा तेज और बोल्ड होती है। वैसे अपनी पसंद के हिसाब से कोई भी महिला या पुरुष, किसी भी तरह की खुशबू का चुनाव कर सकते हैं।








