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अब शतरंज ट्रिपल्स खेलो

dainik bhaskar | Apr 27, 2012, 16:00PM IST
अब शतरंज ट्रिपल्स खेलो
हृदयेश्वर की चेस के प्रति दीवानगी तब पैदा हुई, जब वह अपने पिता के साथ इस खेल को खेलते थे। ये चाहते थे कि इनके पिताजी और दोस्त एक साथ चेस खेलें, लेकिन ये मुमकिन नहीं था, क्योंकि चेस तो केवल दो लोगों के बीच खेला जा सकता था। दिल्ली पब्लिक स्कूल के कक्षा चौथी के छात्र हृदयेश्वर सिंह भाटी शारीरिक रूप से अक्षम हैं, लेकिन इनके हौसले बुलंद हंै। इन्होंने अपनी एक साथ चेस खेलने की इस इच्छा को सपना बना लिया। इस सपने को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत करने लगे और फिर एक दिन तैयार कर ही लिया, इस अनोखे चेस बोर्ड को।

कहानी चेस बोर्ड की

एक बार हृदयेश्वर अपने पिता जी के साथ चेस खेल रहे थे, तभी इनके दोस्त आए। खेल बड़ी मजेदार स्थिति में था। दोस्तों का भी मन होने लगा कि खेलें और तभी किसी एक ने कहा भी कि काश! हम सब एक साथ चेस खेल पाते, बड़ा मजा आता। अपने दोस्तों की ये बात हृदयेश्वर के लिए प्रेरणा बन गई। महज नौ वर्ष की उम्र में इन्होंने ये कारनामा कर दिखाया। ये भी सम्भव है कि इस कारनामे की वजह से इनका नाम गिनीÊा बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो जाए।

इस चेस बोर्ड को बनाने में हृदयेश्वर को सिर्फ एक वर्ष का समय ही लगा। अपनी लगन से इस अनूठे सपने को सच में परिवर्तित करने के जज्बे ने ही हृदयेश्वर को आज इस मुकाम पर पहुंचाया है।

नियम हैं वही

वैसे इंटरनेट पर मौजूद चेस के वर्जन में एक साथ चार लोग चेस खेल सकते हैं, लेकिन इस चेस में छह लोग खेल सकते हैं। इस सर्कुलर चेस के बारे में हृदयेश्वर कहते हैं कि इसे खेलने के लिए कोई अलग से नियम नहीं है। इसे भी सामान्य चेस की भांति ही खेला जा सकता है। स्टीफन हॉकिंग्स को अपना आदर्श मानने वाले इस बच्चे की उपलब्धि पर उनके पिता बेहद खुश हैं और कहते हैं कि हृदयेश्वर एक ऐसा चेस बोर्ड बनाने की योजना बना रहा है, जिसे एक साथ साठ लोग खेल सकें।
भई! हमा
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