विज्ञापन
 
Home >> Magazine >> Bal Bhaskar >> Poem

पंछी प्यारे..

dainikbhaskar.com | Sep 14, 2012, 10:31AM IST
 
 

जितने सुंदर, उतने प्यारे,
पंछी नभ के कितने न्यारे।


कोयल मीठे गीत सुनाए,
चिड़िया रानी चहचहाए।


मोर नाचता है उपवन में,
तोता उड़ता नील गगन में।


भोला-भाला लगे कबूतर,
पेड़ पर बैठे काला तीतर।


कौआ करता है कांव-कांव,
रोटी ले फिरता गांव-गांव।


कुदरत के सब राजदुलारे,
जितने सुंदर, उतने प्यारे।
 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
10 + 1

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment