ब्राज़ील के दूसरे बड़े शहर में आ गए हैं हम। रियो के नाम से अनजान नहीं हैं हम। क्राइस्ट द रिडीमर यहीं हैं। चलिए, करें इस शहर की सैर।
आप कुछ असमंजस में होंगे कि रियो को हमने जनवरी की नदी क्यों कहा। इस शहर दरअसल पुर्तगाली यात्रियों ने खोजा था। तो पूरी कहानी यह है कि जनवरी में पुर्तगाली यात्री इस तट पर पहुंचे। पहले तो उन्हें यह लगा कि यह किसी बड़ी सी नदी का मुहाना है। दूसरे, वह महीना जनवरी था, सो इन्होंने जगह का नाम रियो-डी-जिनेरो रख दिया यानी जनवरी की नदी। लेकिन यह कोई नदी नहीं। यह अटलांटिक महासागर का एक तट ही है। यह पूरी खाड़ी 143 किलोमीटर लम्बी है, जो पहाड़ों से घिरी है। इन पहाड़ों में सबसे बड़ा है शुगर लोफ, जो 404 मीटर ऊंचा है।
क्राइस्ट द रिडीमर
यह तो हम सब जानते ही हैं कि क्राइस्ट यानी प्रभु यीशू की यह मूर्ति दुनिया के नए सात आश्चर्यो में से एक है। यह स्थित है कोकरेवाडो नाम की पहाड़ी पर, जिसका मतलब होता है कुबड़ी पहाड़ी। यह इसके आकार के कारण, इस नाम से जानी जाती है। क्राइस्ट द रिडीमर को रियो में कहीं से भी देखा जा सकता है, समझ गए न कितनी ऊंचाई पर है ये।
कारियोकास
रियो के वासी कारियोकास कहलाते हैं यानी रियो के रहने वाले। यह लोग खुद को काफी खुशकिस्मत मानते हैं कि रियो जैसे स्थान पर रहते हैं, जहां समुद्र है, वर्षावन हैं और ऊंची पहाड़ियां हैं। पैराग्लाइडिंग, डीप सी डाइविंग, सर्फिग, वर्षावनों में ट्रैकिंग और इन सब से थकने के बाद सफेद बालू वाले समुद्र तटों पर आराम। किसे नहीं भाएगा यह सब। और उस पर से शानदार होटल व रेस्तरां। इसीलिए कारियोकास इसे जन्नत भी कहते हैं।
कार्निवल
रियो के कार्निवल की बात ही निराली है। इतनी धूम किसी भी कार्निवल की नहीं है दुनिया में। कहा जाता है कि यह अट्ठारहवीं शताब्दी के मध्य में शुरू हुआ था। नई फसल के उत्साह का यह त्योहार अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुका है।
यह गर्मियों में आयोजित किया जाता है। तब ब्राज़ील के समुद्री तट, खासतौर पर आइपीमा पर इतने लोग जमा होते हैं कि तिल रखने को जगह नहीं होती। कार्निवल का मुख्य आकर्षण है साम्बा परेड। हालांकि, इसमें लोगों के परिधान, बच्चों और युवाओं की उत्साह-भरी भागीदारी और तरह-तरह के मुखौटे उससे भी बड़ा आकर्षण बन जाते हैं।
चलो भाई, अब तो थक गए होगे। चलते हैं घर। अगले अंक में एक नए देश चलेंगे। वैसे ब्राज़ील से निकलते-निकलते आपको एक बात और बता दें कि यहां इगुआज़ा नाम के झरने हैं, जो थोड़े बहुत अर्जेटीना के हिस्से में भी हैं। तो क्यों न अगली बार इन्हीं के ज़रिए उस तरफ की सैर हो जाए!!!
मेट्रोपोलिटन कथीड्रल
रियो सुंदर समुद्री तटों, डाउनटाउन यानी आधुनिक शहर व पुराने शहर में बंटा हुआ है। इसमें दो मुख्य गिरिजाघर हैं। एक पुराने शहर में है और एक नए में। नए वाले गिरिजाघर की इमारत आधुनिक व भव्य है। इसका आंतरिक सौंदर्य भी देखते ही बनता है।