मुंबई. अपने बेटे और बेटी का शाही अंदाज में विवाह करके सुर्खियों में आये महाराष्ट्र के शहरी विकास राज्यमंत्री भास्कर जाधव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
आयकर विभाग ने शाही विवाह पर हुए खर्च के बारे में सोमवार की देर रात जाधव से चिपलून में जहां डेढ़ घंटे पूछताछ की, वहीं शादी पर खर्च करने वाले शहा कंस्ट्रक्शन, विवाहस्थल के लॉन मालिक और सजावट करने वाले मंडप डेकोरेटर्स के कार्यालयों पर छापा मारा।
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार यदि किसी की शादी में अत्याधिक खर्च होने की बात सामने आती है, तो इनकम टैक्स एक्ट 133 ए (5) के मैरेज सर्वे के अंतर्गत कार्रवाई करने का प्रवधान है।
बताया जा रहा है कि इस एक्ट के अंतर्गत जाधव की जांच की जा रही है। यदि वे शाही विवाद का खर्च सही ढंग से नहीं दे पाते हैं, तो उन पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।