विकलांग कर्मचारियों के काम को आसान बनाने दी जाएंगी विदेशी किट

मुंबई. बांबे हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को विकलांगों के काम को आसान बनाने के लिए वितरित की गई वस्तुओं की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने सरकार से जानना चाहा है कि सरकारी अथवा अर्धसरकारी कार्यालयों में कार्यरत कितने विकलांग कर्मचारियों को कौन से उपकरण या वस्तुएं वितरत की गई हैं।
मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह व न्यायमूर्ति अनूप मोहता की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को 28 फरवरी तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
इससे पहले सरकारी वकील जे.डब्ल्यू. मेटोस ने खंडपीठ को बताया कि नेत्रहीन कर्मचारियों के कार्य को सुगम बनाने के लिए विदेश से विशिष्ट किटें मगांई जा रही हैं।
इस तरह की किटों का निर्माण देश में संभव नहीं है। लिहाजा सरकार ने किट को विदेश से मंगाने का फैसला किया है। यह किट जल्द ही कर्मचारियों को मुहैया कराई जाएगी।
सुनवाई के दौरान मेटोस ने कहा कि विकलांग कर्मचारियों के विकास व कल्याण को लेकर कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं। इसमें से एक याचिका विकलांगों के लिए आरक्षित पदों को भरने व दूसरी विकलांगों के लिए महानगरपालिका के कुल बजट की तीन प्रतिशत राशि आरक्षित करने की मांग से जुड़ी है।
मेटोस ने सभी याचिकाओं पर एक साथ 13 मार्च को सुनवाई रखने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार विकलांगों के हित सरंक्षण व विकास को लेकर काफी गंभीर है।
उनके विकास के लिए सही दिशा में कार्य हो रहा है। मेटोस की इन दलीलों को सुनने के बाद खंडपीठ ने राष्ट्रीय अपंग विकास महासंघ की ओर से दायर याचिका की सुनवाई 13 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।







