संचालकों ने ही डुबाई संस्था: चार महिला सहित 15 के खिलाफ मामला दर्ज

नागपुर. चैतन्यवाड़ी अर्बन को-ऑपरेटिव सोसाइटी में लाखों रुपए का घोटाला उजागर हुआ है। आरोप है कि संचालकों ने ही इसे डुबा दिया है। चार महिला समेत 15 लोगों के खिलाफ नंदनवन पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
आरोपियों में चैतराम आप्तुरकर, चेंदबाजी नाभरे, विजय आसोले, चंद्रभान आप्तुरकर, संजय जाधव, रामदास खेडीकर, हनुमंतराव राऊत, परशुरामजी मुंगले, सुरेश बागड़े, रामकृष्ण झिंगरे, छाया तरती, सरोजिनी कन्हेरे, माधुरी मोंडे, शंकर बावणे, और पुष्पा रायपुरकर का समावेश है।
यह सभी लोग चैतन्यवाड़ी अर्बन को-ऑपरेटिव सोसाइटी मर्यादित, रमना मारोती नगर के संचालक बताए जा रहे हैं। आरोप है कि एक अप्रैल 06 से 31 मार्च 08 तक दो वर्षों के भीतर इन संचालकों ने पद का दुरुपयोग करते हुए संस्था से करीब 50 लाख रुपए का कर्ज लिया।
जबकि कुछ संचालकों ने नियमों को ताक पर रखकर अपने करीबी लोगों को कर्ज उपलब्ध कराया है। जिससे संस्था के सैकड़ों निवेशकों के खून पसीने की कमाई डूब गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ लोगों ने इसकी शिकायत धर्मदाय आयुक्त से की थी। वार्षिक लेखा जोखा में भी कई अनियमितताएं पाई गई हैं। जिससे संस्था को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले संचालकों के खिलाफ विविध धाराओं के तहत पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।







