छह महीने बाद फिर एकजुट हुआ एक परिवार, हर चेहरे पर दिखी खुशी

नाशिक. मुंबई से छह माह पहले गुम हुए साहेब व परवेज की मुलाकात बुधवार को अपने माता-पिता से हो गई। नाशिक के आधार आश्रम में अपने बच्चों को देखकर दोनों की आंखें भर आईं।
आश्रम ने कागजी कार्रवाई पूरी कर बच्चों को माता-पिता को सौंप दिया। बुधवार शाम वे अपने बच्चों को लेकर मुंबई रवाना हो गए।
इससे पहले उन्होंने बच्चों से ढूंढ निकालने के लिए दिव्य मराठी के कार्यालय पहुंचकर आभार जताया। साहेब व परवेज ३१ जून को मुुंबई पुलिस को मनमाड स्टेशन पर मिले थे।
पुलिस ने इन्हें नाशिक के आधार आश्रम भेज दिया था। बच्चों के अभिभावकों को ढूंढने के सभी प्रयासों में नाकामी के बाद आश्रम ने भास्कर समूह के 'दिव्य मराठीÓ से संपर्क साधा।
अपने राष्ट्रव्यापी नेटवर्क की मदद से भास्कर ने महज तीन दिन में उनके परिजनों को बिहार से ढूंढ निकाला। बच्चों के मामा से मुंबई में काम करने वाले उनके पिता का नंबर लेकर संपर्क साधा गया।
बुधवार सुबह 11 बजे बच्चों की छोटी बहनें खुशबू व निदिमा, पिता रुस्तम, मां अख्तारुन्निसा व चाचा फिरोज आश्रम पहुंचे। अख्तारुन्निसा ने कहा कि दिव्य मराठी का अहसान मैं ताजिंदगी नहीं भूलूंगी।
पिता रुस्तम शेख ने कहा कि 'मैं 28 जून को बच्चों को लेकर मुंबई पहुंचा था। 31 जून को दोनों बच्चे गायब हो गए। तलाश में हर कोशिश कर ली थी। पर नाकाम रहा था।






