कोयला घोटाले में अजित पवार का भी नाम?

मुंबई. कोयला घोटाले में अब पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार और विधानसभा अध्यक्ष दिलीप वलसे पाटील भी घिरते नजर आ रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव किरीट सोमैया ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व मंत्री प्रेमचंद गुप्ता के खिलाफ सीबीआई व सीवीसी में शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में किरीट ने पवार और पाटील की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
इससे पहले सोमैया ने कोयला घोटाले को लेकर कांग्रेस के मंत्रियों के खिलाफ मोर्चा खोला था। अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर भी घोटाले की आंच पहुंच गई है। सोमैया के मुताबिक खदान घोटाले के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी दोनों बराबर के जवाबदार हैं।
दोनों पार्टियों के नेताओं ने मिलकर घोटाले किए। सोमैया ने बताया कि दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख, तत्कालीन ऊर्जा मंत्री दिलीप वलसे पाटील, पूर्व खदान मंत्री अशोक चव्हाण और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार ने कई कोयला खदानों के लिए सिफारिश की थी। उन्होंने बताया कि निजी कंपनियों को 2006 से 2010 के बीच खदानें आवंटित की गईं। उन्होंने कहा कि सन फ्लैग आयरन स्टील कंपनी के लिए 14 कोयला खदानों की सिफारिश की गई थी।
इसके अलावा अन्य 8 कंपनियों के लिए भी खदान आवंटित करने की सिफारिश की गई थी। सोमैया ने इस मामले में सीबीआई व सीवीसी को सबूत सौंपे हैं। उन्होंने संबंधितों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। सोमैया के अनुसार प्रेमचंद गुप्ता जब मंत्री थे तब उन्होंने खुद की स्वामित्व वाली कंपनी को कोयला खदान आवंटित कराई। खदान का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से असलियत छिपाई। इसके अलावा गुप्ता कोल इंडिया लिमिटेड ने राज्य सरकार से वरोरा कोयला खदान खरीदी जिसे उसे दूसरी निजी कंपनी को बेच दिया गया। सोमैया ने बताया कि गुप्ता की सिफारिश अशोक चव्हाण ने की थी।
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