नागपुर. नागपुर केंद्र सरकार ने देश का पहला राष्ट्रीय आपदा निवारण प्रशिक्षण केंद्र नागपुर में शुरू करने का फैसला किया है। यह 70 एकड़ में बनेगा। इस प्रशिक्षण केंद्र की घोषणा राष्ट्रीय आपदा निवारण प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एम. श्रीधर रेड्डी ने की है। इसके लिए खापरखेड़ा-कामठी मार्ग पर स्थित पहाड़ी के पास जगह चिह्नित करने का प्रयास हो रहा है।
इस प्रशिक्षण केंद्र में भूकंप, तूफान, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ ही जैविक व रासायनिक हमलों से निपटने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां आग व बड़ी दुर्घटनाओं से निपटने का भी विशेष प्रशिक्षण मिलेगा। उड़ीसा में 1919 में आए तूफान, महाराष्ट्र और गुजरात में आए भूकंप जैसे आपदाओं से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा निवारण प्राधिकरण बनाया।
इसके लिए स्वतंत्र दल बनाने की जरूरत महसूस हुई। प्राधिकरण ने नागपुर के भौगोलिक महत्व को समझते हुए यहां 40 एकड़ जगह में प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने का फैसला किया। केंद्र सरकार ने इसके लिए करोड़ों का बजट बनाया। प्राधिकरण में फिलहाल दस बटालियन हैं। इसमें और दो बटालियन बढ़ाई जाएगी।
बटालियन में अर्धसैनिक बल जैसे केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) व केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान शामिल हैं।
केंद्र अत्याधुनिक व बुनियादी सुविधा से लैस होगा। स्विटजरलैंड की संस्था यहां जवानों को प्रशिक्षण देगी। प्राधिकरण को अंतरराष्ट्रीय मंजूरी देने का प्रयास हो रहा है।
पहले भी हुआ था निरीक्षण
देश के पहले राष्ट्रीय आपदा निवारण प्रशिक्षण केंद्र के लिए जगह ढूंढने का काम तीन साल पहले नागपुर में हुआ था। प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारी के. एम. सिंह के नेतृत्व में दिल्ली से आए दल ने खापरखेड़ा से कामठी की ओर जाते समय पड़नेवाली पहाड़ी की जगह को प्रशिक्षण केंद्र के लिए चिह्नित किया था।
नेशनल सिविल डिफेंस कालेज के निदेशक जी. एस. सैनी को इस दल के साथ जाने का मौका मिला था। श्री सैनी ने बताया कि प्राधिकरण ने इस जगह के बारे में केंद्र को अवगत कराया था। फिलहाल यहां काम शुरू नहीं हो सका, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से इसी जगह को पुख्ता माना गया था।