भाजपा ने भरी हुंकार, 30 हजार लोगों के सामने दी खुली चेतावनी!

नागपुर. उपराजधानी में जारी शीत-सत्र के बीच भाजपा की हुंकार ने सरकार को खुली चेतावनी दी। सड़कों पर मंगलवार को उतरे लगभग 30 हजार लोग महंगाई, भ्रष्टïाचार, कालाधन, किसान आत्महत्या आदि मुद्दे पर लामबंद दिखे। नेताओं ने सरकार को जमकर आड़े हाथ लिया।
टेकड़ी रोड पर निकाला गया यह मोर्चा हालांकि एक तरह से भाजपा का शक्ति-प्रदर्शन था, लेकिन जानकारों की मानें तो करिश्माई भीड़ जुटाने में नेता असफल रहे।
सरकार पर करारा वार : भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितीन गडकरी ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से राज्य में विकास दर घटी है। विदेशी बैंकों में 21 लाख करोड़ रुपए का कालाधन जमा है, परंतु उसे यहां लाने में सरकार की कोई रुचि नहीं है।
गोसीखुर्द प्रकल्प को लेकर खुद पर लगे आरोपों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विधायक होने के नाते मैंने इस प्रकल्प के संबंध में पत्र व्यवहार किया था।
उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया व कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। गुजरात की मोदी सरकार को विकास की दृष्टिï से मॉडल के रूप में निरूपित किया।
सत्ता में आने पर कर्नाटक सरकार की तरह यहां के किसानों को भी 24 घंटे बिजली मिलेगी। कपास, धान, सोयाबीन व गन्ना उत्पादकों को उचित समर्थन मूल्य देने का भी आश्वासन दिया।
जेल में होंगे घोटालों के आरोपी : मुंडे : ाजपा के वरिष्ठï नेता गोपीनाथ मुंडे ने कहा कि उन्होंने एनडीए की सरकार आने पर पृथ्वीराज चव्हाण सरकार में शामिल वे मंत्री जेल में होंगे, जिन पर घोटाले के आरोप लगे हैं। श्री मुंडे ने पृथ्वीराज चव्हाण और अजित पवार पर चुटकी लेते हुए कहा कि ये बाबा और दादा की जोड़ी है।
उपमुख्यमंत्री पवार को उन्होंने अली बाबा चालीस चोर के मुखिया की उपमा दी और कहा कि श्वेत-पत्रिका महज दामन पर लगे दाग को धोने का डिटरजेंट है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इसकी होली जलाने की बात कही। बगैर किसी का नाम लिए कहा कि मंत्रालय में आग की घटना सरकार में शामिल लोगों का ही षडयंत्र है।
नहीं मनाएंगे जन्मदिन : गोपीनाथ मुंडे का जन्मदिन 12-12-12 को है, मगर वे आज जन्मदिन नहीं मनाएंगे। शिवसेना सुप्रीमो बालासाहब ठाकरे के देहांत व राज्य की बदतर हालत को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। कार्यकर्ताओं व नेताओं से भी उन्होंने बधाई न देने की अपील की है।
पवार का इस्तीफा महज ड्रामा : एकनाथ खडसे ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के इस्तीफे को राजनीतिक ड्रामा बताया। कहा कि याद करें, 72 दिन पहले बगैर किसी के मांगे उपमुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया था।
उस दौरान खुद पर लगे घोटाले के आरोपों की जांच एसआईटी से कराने की मांग भी की थी, मगर श्वेत पत्रिका जारी होते ही फिर से उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।
आरोपों की अभी जांच नहीं हुई है, श्वेत पत्रिका के जरिए उन्होंने खुद को पाक-साफ बताने की कोशिश की है। बिजली, सिंचाई आदि घोटालों की वजह से सरकार पर 2 लाख 70 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। राज्य में 16 घंटे लोडशेडिंग की जा रही है। श्री पवार ने इसके पहले अपने जन्मदिन पर राज्य को लोडशेडिंग मुक्त करने का आश्वासन दिया था।
दी चेतावनी : विधान परिषद में विरोधी पक्ष के नेता विनोद तावडे ने चेतावनी दी कि जिन प्रकल्पों के 25 प्रतिशत काम हो गए हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बंद नहीं होने दिया जाएगा।
सरकार की कैश फॉर सब्सिडी योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे लाभार्थियों को लाभ कम मिलने की गुंजाइश है। सभा को प्रदेश महासचिव देवेंद्र फडणवीस, प्रदेश अध्यक्ष सुधीर मुनगंटीवार, पाशा पटेल, पूर्व सांसद बनवारीलाल पुरोहित आदि ने भी संबोधित किया।







